नगर निगम में हंगामा हुआ और आयुक्त उठकर चले गए।
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लखनऊ के नगर निगम में कचरा प्रबंधन को लेकर बुलाए गए विशेष सदन में भाजपा पार्षद राम नरेश रावत की टिप्पणी को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस तक बुलानी पड़ी।
बुधवार को नगर निगम में शहर की सफाई को लेकर चुनी गई कंपनी रामकी पर सहमति बनाने के लिए बैठक आहूत की गई थी कि तभी भाजपा पार्षद राम नरेश रावत ने नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि नई कंपनी को लाने के लिए आपको क्या ऑफर मिला है? इस पर नगर आयुक्त भड़क गए और सदन छोड़कर बाहर चले गए। हालांकि, जब दोबारा सदन शुरू हुआ तब भी नगर आयुक्त शांत नहीं हुए और कहा कि अगर व्यक्तिगत आरोप लगाए तो जान से मार दूंगा।
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इस दौरान जमकर हंगामा होता रहा। महापौर सुषमा खर्कवाल ने अपने पार्षद को जमकर लताड़ लगाई। कहा इसके काम की जांच कराएंगे। यहां सदन का चीरहरण किया जा रहा है। सदन हमारी मां है।
पार्षद को पुलिस बुलाकर गिरफ्तार करने की मांग की गई। इस दौरान पार्षद रामनरेश रावत को जबरदस्ती सदन से बाहर ले जाने की कोशिश हुई। इस पर रावत ने कहा कि वह सदन में सफाई देंगे। अगर उन्हें जबरदस्ती बाहर ले जाया गया और पुलिस बुलाई जाएगी तो आत्महत्या कर लेंगे।
विवाद पर भाजपा पार्षद ने सफाई देते हुए कहा कि ऑफर का गलत मतलब निकल गया। उनका यह कहना था कि जब ब्लैक लिस्टेड कंपनी को काम दिया गया तो उसने सफाई में सुधार को लेकर ऐसा क्या ऑफर दिया। इस बारे में ही वह पूछ रहे थे लेकिन उनकी पूरी बात नहीं सुनी गई।