राजधानी के आशियाना में रविवार रात को बत्ती गुल होने के विरोध में लोगों ने उपकेंद्र का घेराव कर प्रदर्शन किया। घंटे भर चले हंगामा के बाद बिजली चालू हुई तब लोग हटे।
वहीं, इंजीनियरिंग कॉलेज उपकेंद्र इलाके में सोमवार को 11 हजार वोल्ट की लाइन पर पेड़ गिरने से जानकीपुरम विस्तार के बड़े हिस्से में अंधेरा छा गया। तार सही करने में साढ़े तीन घंटे लग गए।
इससे 3000 घर बिजली संकट की चपेट में रहे। वहीं, 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने से एक घंटे तक दो उपकेंद्र ठप रहे। आशियाना कॉलोनी के सेक्टर एल में रात 10 बजे ट्रांसफार्मर खराब हो गया।
उपकेंद्र एवं इलाकाई इंजीनियरों को सूचना देने के बाद भी रात 12 बजे तक बिजली बंद रही। इससे नाराज 50-60 लोग उपकेंद्र पहुंच हंगामा करने लगे। इस पर कुछ कर्मचारी भाग गए।
बाद में वैकल्पिक तरीके से बिजली चालू होने के बाद लोग रात दो बजे उपकेंद्र से गए। साठ फिटा रोड स्थित जानकीपुरम विस्तार में शाम करीब 5 बजे पेड़ बिजली लाइन पर गिरा।
इससे विस्तार के सेक्टर एक से पांच सेक्टर तक की आपूर्ति ठप हो गई। उपकेंद्र पर शिकायत पहुंची। इसके बाद बिजली रात 8:30 बजे चालू हो सकी। इससे लोगों को बिजली और पानी का संकट झेलना पड़ा।
जबकि कपूरथला और निरालानगर उपकेंद्र को आने वाली 33 केवी लाइन के ब्रेकर में सुबह 11:30 बजे खराबी आने से दोपहर 12:45 बजे तक बिजली ठप रही।
इससे कपूरथला, छपरतला, बड़ा चांदगंज, रैदास क्रॉसिंग, निरालानगर, आईटी चौराहा, विवेकानंदपुरी हाइडिल कॉलोनी की बिजली गुल रही। वहीं, तालकटोरा में तार टूटने एवं शट डाउन से चंदननगर में बिजली संकट रहा।
तालकटोरा में तार टूटने की घटना सुबह 11 बजे हुई। शाम 4:30 बजे तक लोग बिजली संकट से परेशानी रहे।
वहीं, चंदननगर में सुबह 11 से दोपहर 12:30 बजे तक मरम्मत कार्य कराए जाने से बिजली को बंद किया गया था।
वहीं, तीन बिलिंग केंद्रों पर उपभोेक्ताओं को बिल भुगतान करने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
दरअसल नेटवर्क स्लो एवं फेल होने से सबसे अधिक तालकटोरा, वृंदावन एवं ऐशबाग केंद्रों पर भुगतान में व्यवधान आया।