संघ ने स्वयंसेवकों के जरिये ज्यादा से ज्यादा मतदान पर भी फोकस करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सभी स्थानों पर टोलियां बनाई जाएंगी। ये लोगों को मतदान के लिए प्रेरित ही नहीं करेंगी बल्कि मतदान केंद्र तक पहुंचाने की भी जिम्मेदारी संभालेंगी। सभी स्थानों पर संघ के वरिष्ठ लोगों को शामिल करते हुए कोर कमेटियां पहले ही गठित हो चुकी हैं।
ये कमेटियां टिकट वितरण के बाद यदि कहीं नाराजगी होती है तो उसे दूर करने की जिम्मेदारी संभालेंगी। साथ ही संघ परिवार के सभी संगठनों के बीच समन्वय का काम भी संघ ने अपने कंधों पर लिया है। कार्यकर्ताओं के बीच खींचतान को दूर करने का काम भी संघ के हाथों में रहेगा।
बैठक में संघ के स्वयंसेवकों के जरिये लोगों को राममंदिर पर समझाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। संघ के लोग जनता को समझाएंगे कि राम मंदिर हर हाल में बनेगा। निश्चित स्थान पर और निर्धारित प्रारूप में ही बनेगा।
इसमें वक्त लग रहा है क्योंकि राज्यसभा में बहुमत न होने के कारण कानून बनाकर यह करना संभव नहीं हो पाया। पर, सत्ता संचालन कर रहे भाजपा नेताओं का राम मंदिर को लेकर कोई विरोध नहीं है। इनकी प्रतिबद्धता को लेकर भी शंका करना ठीक नहीं है।
कुंभ, अयोध्या, प्रयाग, मथुरा-वृंदावन, स्लॉटर हाउस पर पाबंदी सहित हिंदुत्व के एजेंडे को धार देने वाले अन्य फैसलों का हवाला देकर भी ये लोगों को समझाएंगे कि भाजपा ही ठीक है।