फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दूसरे के गले में वरमाला डाल रही प्रेमिका को गोली मारने के बाद प्रेमी ने खुद को भी किया शूट

Wed, 13 Mar 2019 10:39 AM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन

बीटीसी छात्र बृजेंद्र और लड़की आशा देवी का प्यार इस कदर परवान चढ़ा था कि दोनों ने उम्र भर साथ रहने की हसरत पाल ली थी। समाज और अपनों की बंदिशों ने उन्हें एक नहीं होने दिया। प्रेमिका की शादी दूसरी जगह तय कर दी गई। इस बात से बृजेंद्र अंदर ही अंदर टूट गया था। उसने यह बात किसी से कही तो नहीं, लेकिन उसने वह कर दिया, जिसे शायद यह दोनों परिवार भूल पाए। 

विज्ञापन


इस घटना से दोनों की प्रेम कहानी का दुखद अंत हो गया। जहां पर खुशियां गुलजार थी। लोग बरातों का स्वागत करने को बेताब थे। गाना बजाना हो रहा था। वहां मातम छा गया है और हर आंखों में आंसू दिख रहे हैं। जो भी इस घटना को सुन रहा है, वह अवाक रह जाता है।

बछरावां-मौरावा मार्ग पर स्थित छोटे से गांव गजियापुर में एक बेटी की डोली उठने से पहले ही उसकी अर्थी उठ गई। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। जिसने भी हादसे के बारे में सुना उसकी आंखें नम हो गईं। गजियापुर गांव की रहने वाली आशा को उसके मां-बाप ने बड़े ही लाड से पाला और परास्नातक तक की पढ़ाई कराई थी। 
विज्ञापन


मां-बाप ने अपनी बेटी का विवाह उन्नाव जनपद के आशा खेड़ा मजरे कुशहरी थाना नवाबगंज में तय कर दी थी। रात को बारात आई। जय माल की रस्में अदा हो ही रही थी कि काल का खेल ऐसा शुरू हुआ की खुशियों को जैसे किसी की नजर लग गई हो। प्रेमी ने प्रेमिका को गोली मारने के बाद खुद को भी खत्म कर लिया।

विज्ञापन

प्रेमिका की शादी की तैयारी भी कर रहा था बृजेंद्र

बृजेंद्र अपनी प्रेमिका की शादी की तैयारी में भी जुटा था। लड़की के परिवारवालों का कहना है कि बृजेंद्र से इस तरह की उम्मीद नहीं थी। बेटी की शादी की तैयारियों में वह हाथ बंटा रहा था। रात में अचानक पता नहीं क्या हुआ और उसने जयमाल के दौरान आशा को गोली मारने के बाद खुद को उड़ा लिया।

दूल्हा समेत अन्य बाराती भाग खड़े हुए
घटना के बाद बारातियों में अफरातफरी मच गई। घटना के कुछ देर बाद ही दूल्हा और बाराती वहां से वापस लौट गए। पल भर में सन्नाटा पसर गया। अफरातफरी इस कदर थी कि कुछ देर तक तो कोई कुछ समझ भी नहीं पा रहा था। पुलिस के पहुंचने से पहले ही बाराती वापस उन्नाव लौट गए।

प्रेमिका को तड़पते देखने के बाद मारी गोली
बताते हैं कि प्रेमिका को तड़पता देख यह बृजेंद्र बर्दाश्त नहीं कर पाया और स्वयं भी गोली मार ली। बताते हैं कि परिवारीजनों को भी जानकारी नहीं हो पाई थी कि आरोपी अपनी चाचा की लाइसेंसी बंदूक कब घर से लेकर चला गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें