चूंकि दत्तात्रेय होसबाले का केंद्र पहले से लखनऊ रहा है, इस नाते ज्यादातर प्रचारकों के साथ उनका परिचय, संपर्क और संवाद पहले से ही था। इसलिए बैठक में संगठनात्मक चर्चा भी हुई। सेवा कार्यों से जुड़े संगठनों के कामों को और प्रभावी बनाने के अलावा शिक्षा, सरोकार के साथ संघ के शताब्दी वर्ष में हर गांव में शाखा का काम पहुंचाने पर भी मनन-मंथन हुआ।
शिक्षा और सामाजिक समरसता जैसे सरोकारों के साथ ग्राम विकास और युवा स्वावलंबन जैसे क्षेत्रों में भी संघ के काम को प्रभावी विस्तार देने पर भी बातचीत की गई। बैठक के बाद मिलन कार्यक्रम में संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल तथा प्रांत प्रचारक कौशल सहित लखनऊ में रहने वाले अन्य पदाधिकारी भी शामिल थे।