राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता विजयादशमी से निकर यानी हाफ पैंट की जगह गहरे भूरे रंग की फुल पैंट में दिख सकते हैं। संघ इसकी तैयारी में जुट गया है। संघ ने खुद कहा है कि उसने यह बदलाव युवाओं को संगठन से जोड़ने के लिए किया है।
युवाओं को जोड़ने की चिंता में जुटा संघ पहले ही वेबसाइट की दुनिया में प्रवेश कर चुका है। इसके लिए उसने ‘जॉइन आरएसएस’ नाम से एक साइट शुरू की है।
नागौर में आयोजित संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में शामिल होकर लौटे अवध प्रांत के संघचालक प्रभुनारायण ने मंगलवार को यहां पत्रकारों को बैठक के निर्णयों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सामाजिक समरसता के लिए भी कई कार्यक्रम तय किए गए हैं ताकि समाज में सभी को बराबरी का दर्जा मिले और भेदभाव खत्म हो। इस काम में संतों व कथा वाचकों का भी सहयोग लिया जाएगा।
एक सवाल पर उन्होंने कहा, इसके लिए संघ को सपा, बसपा और कांग्रेस का सहयोग लेने से भी परहेज नहीं है। वह तो वामपंथियों से भी मदद लेने में गुरेज नहीं करेंगे।
पांच वर्षों से चल रहा था वेशभूषा में बदलाव पर मंथन
फुल भूरे पैंट में नजर आएंगे स्वयं सेवक
- फोटो : Demo
उन्होंने बताया कि देश में बड़ी बहस चल रही है कि अचानक संघ की पहचान उसकी खाकी निकर बदल गई और अब यह भूरे रंग की फुल पैंट होने जा रही है।
लेकिन ये रातों रात नहीं हुआ है, पिछले पांच साल से ये कवायद चल रही थी। पिछली प्रतिनिधि सभा की बैठक में इसकी चर्चा हुई थी। सह प्रांत कार्यवाह नरेन्द्र ने बताया कि ये फैसले अभी लागू नहीं होंगे। इसमें थोड़ा समय लग सकता है, क्योंकि बदलाव अखिल भारतीय स्तर पर होना है।
4-6 महीने बाद विजयादशमी तक नया गणवेश लागू होने की संभावना है। हैदराबाद में दलित छात्र की आत्महत्या को उकसाने वालों को वामपंथी आतंकवादी की संज्ञा देते हुए उन्होंने कहा, यह देश का माहौल बिगाड़ने की साजिश थी। समझदार नागरिकों ने इस साजिश को विफल कर दिया है।प्रचार प्रमुख राजेन्द्र सक्सेना, सहप्रांत प्रचार प्रमुख दिवाकर अवस्थी भी मौजूद रहे।