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Lucknow News: कोहरे के बीच अंदाजे पर ही दौड़ रहीं रोडवेज बसें

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बस अड्डों से तमाम खामियों के सथ बसें चलाई जा रही हैं। 
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लखनऊ। कैसरबाग बस अड्डे पर बृहस्पतिवार दोपहर बस (यूपी 41 एटी 2761) बलरामपुर रवाना होने के लिए तैयार थी। इसकी खिड़कियां सही से बंद न होने से सरसराती हवा यात्रियों को परेशान कर रही थी। कोहरे की दस्तक के बावजूद इसमें फॉग लाइट नहीं लगी थी। कोहरे से निपटने का पूरा दारोमदार साधारण हेड लाइटों पर था। बस में रेडियम टेप नहीं लगे थे और वाइपर भी कामचलाऊ था।
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कुछ ऐसा ही हाल रोडवेज की अन्य बसों का भी दिखा। कोहरे के बीच ये सिर्फ ड्राइवरों के अंदाजे पर ही दौड़ रही हैं। कोहरे से निपटने के लिए बसों में आधारभूत व्यवस्थाएं तक नहीं की गई हैं। ऐसे में यात्रियों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है। फॉग लाइटें न होने से घने कोहरे में बसों का संचालन आसान नहीं होता। जिन बसों की स्टीयरिंग नए ड्राइवरों के हाथों में रहता है, वे कोहरे में ठिठक जाती हैं। इससे सफर पूरा होने में यात्रियों का ज्यादा समय बीत रहा है।

कोहरा शुरू होने से पहले ही रोडवेज की बसों की मरम्मत के लिए कार्यशालाओं को निर्देशित किया गया था। बावजूद इसके बसों की हालत में सुधार नजर नहीं आ रहा है। यह हाल कैसरबाग के अलावा आलमबाग, कमता व चारबाग से चलने वाली रोडवेज बसों का भी है। ऐसी बसों की लंबी फेहरिस्त है, जिनमें फॉग लाइटें नहीं लगी हैं। गोला डिपो की बस (यूपी 78 एलएन 9431) व लखनऊ से रवाना होने वाली (यूपी 70 एफटी 1068) में भी फॉग लाइटें नहीं लगी मिलीं। इसके अलावा तमाम बसों में शीशे चिटके मिले। रुपैडिहा जाने वाली बस (यूपी 78 एफएन 2648) का शीशा बंद ही नहीं हो रहा था। इसका वाइपर भी गायब था।
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फटे टायर से हादसे की आशंका

रोडवेज बसों में सफर भगवान भरोसे है। बसे फटे टायरों पर दौड़ रही हैं। बहराइच जाने वाली बस (यूपी 41 एटी 5860) का पिछला टायर फटा था। उसकी परतें तक उखड़ गई थीं। ऐसे में हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक आरके त्रिपाठी का कहना है कि कोहरे में रोडवेज बसों का संचालन बेहतर बनाने के लिए फॉग लाइटें लगाई जाएंगी। इसके लिए कार्यशालाओं ने तैयारियां की हैं। वाइपर व अन्य समस्याएं भी दूर कर ली जाएंगी।

बस अड्डों से तमाम खामियों के सथ बसें चलाई जा रही हैं। 

बस अड्डों से तमाम खामियों के सथ बसें चलाई जा रही हैं। 

बस अड्डों से तमाम खामियों के सथ बसें चलाई जा रही हैं। 

बस अड्डों से तमाम खामियों के सथ बसें चलाई जा रही हैं। 

बस अड्डों से तमाम खामियों के सथ बसें चलाई जा रही हैं। 

बस अड्डों से तमाम खामियों के सथ बसें चलाई जा रही हैं। 

बस अड्डों से तमाम खामियों के सथ बसें चलाई जा रही हैं। 

बस अड्डों से तमाम खामियों के सथ बसें चलाई जा रही हैं। 

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बस अड्डों से तमाम खामियों के सथ बसें चलाई जा रही हैं। 

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