राज्य सरकार ने मंगलवार को प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा फेरबदल करते हुए प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव को हटा दिया।
उनकी जगह अनिल कुमार गुप्ता को नियुक्त कर दिया है। अनिल गुप्ता अभी तक राजस्व परिषद के सदस्य के पद पर तैनात थे।
आरएम श्रीवास्तव के तबादले को चिट्ठी प्रकरण से जोड़कर भी देखा जा रहा है। श्रीवास्तव को संस्थागत्त वित्त विभाग में तैनात किया गया है।
अफसरों की बैठक बुलाने के लिए गृह विभाग की ओर से लिखी गई चिट्ठी में विषय के रूप में अयोध्या में मंदिर निर्माण का विषय दर्ज होने की वजह से गृह सचिव व एक अनुभाग अधिकारी को पहले ही हटाया जा चुका है।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि ऊपर के स्तर पर श्रीवास्तव को हटाने को लेकर पिछले कई दिनों से विचार चल रहा था। इस बाबत सोमवार देर रात फैसला हुआ।
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इस फैसले से आरएम श्रीवास्तव को मंगलवार की सुबह अवगत कराया गया। मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने आरएम श्रीवास्तव को सरकार के फैसले की सूचना दी।
आरएम श्रीवास्तव मंगलवार को सुबह अपने कार्यालय पहुंचते ही अपने आवश्यक डाक निपटाने के साथ ही अन्य दस्तावेज समेटने शुरू कर दिए।
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इस देख कर गृह विभाग के कर्मचारियों में चर्चा शुरू हो गई थी, लेकिन औपचारिक जानकारी न होने की वजह से एनेक्सी में इसे लेकर दोपहर तक कयास लगते रहे।
दिन में करीब सवा ग्यारह बजे आरएम श्रीवास्तव ने अपने निजी सचिव को बुलाया और चार्ज देने की तैयारी करने लगे। इसके बाद उन्होंने औपचारिक तौर पर चार्ज छोड़ा और अपने निजी दस्तावेज व सामान लेकर वहां से निकल गए।
प्रमुख सचिव गृह के चार्ज देने के बाद यह सूचना फैल गई कि सरकार ने प्रमुख सचिव गृह को हटा दिया है। आरएम श्रीवास्तव के जाने के करीब पौन घंटे बाद अनिल कुमार गुप्ता वहां पहुंचे और उन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया।
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अनिल कुमार गुप्ता की इस कार्रवाई के बाद ही लोगों को पता चल सका कि किसे नया प्रमुख सचिव गृह बनाया गया है। चार्ज लेने के बाद नए प्रमुख सचिव गृह ने प्रोटोकाल के तहत मुख्य सचिव व अन्य लोगों से भेंट की।