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लखनऊः सैंपल दे लापता संदिग्धों से संक्रमण का खतरा

Sat, 23 May 2020 06:57 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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12 घंटे बाद मिला मरीज
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केजीएमयू के ट्रॉमा में आया सुल्तानपुर निवासी वृद्ध 18 मई को ब्लड सैंपल देकर लापता हो गया था। शाम को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो खोजबीन शुरू हुई। उसके मोबाइल नंबर पर घंटी जाती रही, लेकिन कॉल रिसीव नहीं किया। सुबह करीब सात बजे वह दोबारा होल्डिंग एरिया आया तब जाकर उसे आइसोलेशन में भर्ती कराया गया।

लावारिस को खोजने में छूटे पुलिस के पसीने 
लोहिया संस्थान में भर्ती कराए गए लावारिस मरीज में कोरोना की पुष्टि हुई। मानसिक मंदित मरीज 18 अप्रैल की रात नौ बजे अस्पताल से भाग गया। 19 अप्रैल की सुबह करीब पांच बजे मरीज को इंदिरानगर भूतनाथ बाजार के पास पकड़ा गया।
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दिए गए मामले यह बताने के लिए काफी हैं कि लखनऊ के चिकित्सा संस्थानों और स्वास्थ्य विभाग के लिए एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। होल्डिंग एरिया में आने वाले मरीज सैंपल देने के बाद लापता हो जा रहे हैं। ऐसे में इनसे वायरस फैलने का खतरा बना हुआ है। केजीएमयू सहित अन्य चिकित्सा संस्थानों ने होल्डिंग एरिया में गार्ड की तैनाती कर दी है।
 
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गंभीर मरीजों की जांच में दी जाती है वरीयता

इन दिनों दिल्ली और मुंबई से आने वालों प्रवासियों की संख्या बढ़ गई है। वायरस की जांच के लिए तमाम लोग ट्रॉमा सेंटर पहुंच रहे हैं। कुछ ऐसे भी मरीज पहुंचते हैं जो अत्यंत गंभीर होते हैं। गंभीर मरीजों की जांच में वरीयता दी जाती है।

लेकिन इस बीच सामान्य मरीज सैंपल देने के बाद इधर-उधर घूमने लगते हैं। इससे शहर में संक्रमण फैलने का अंदेशा बढ़ जाता है। क्योंकि संदिग्धों को भी क्वारंटीन में रहने की सलाह दी गई है। इसे देखते हुए केजीएमयू और लोहिया संस्थान ने होल्डिंग एरिया के बाहर दो-दो सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया है। 

इस समस्या को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिस भी व्यक्ति में लक्षण हो, वह कम से कम लोगों के संपर्क में आए और जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती है तब तक हम क्वारंटीन रहे। इससे संक्रमण से मुक्ति पाई जा सकती है। -डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ 
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