होली बाद वापस लौटने वालों के लिए कन्फर्म सीटों की मारामारी बढ़ गई है। दिल्ली, मुम्बई की ट्रेनों की वेटिंग बढ़ती जा रही है। अगले एक हफ्ते तक जनरल से लेकर एसी चेयरकार तक में पैर रखने की जगह नहीं है। ऐसे में पैसेंजरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि, स्पेशल ट्रेनों में सीटें खाली हैं, पर उनमें भी तेजी से बुकिंग बढ़ रही हैं।
गत 25 मार्च को होली का पर्व मनाने के बाद दिल्ली व मुम्बई लौटने वालों का कारवां शुरू हो गया है। चारबाग, लखनऊ जंक्शन से लेकर शहर के अन्य रेलवे स्टेशनों से पैसेंजरों की वापसी हो रही है। लेकिन कन्फर्म सीटों की किल्लत पैसेंजरों के लिए मुश्किलें पैदा कर रही हैं। अगले एक हफ्ते तक ट्रेनों में वेटिंग है। इसके बाद भी हालात बहुत बेहतर होते नजर नहीं आ रहे हैं। लखनऊ से दिल्ली जाने वाली लखनऊ मेल की स्लीपर में 28 से दो अप्रैल तक क्रमशः 133, 101, 105, 130, 74, 52 व थर्ड एसी में 49, 66, 76, 85, 34, 17 वेटिंग है।
पद्मावत एक्सप्रेस की स्लीपर में 57, 48, 47, 58, 42, 39 व थर्ड एसी में 17, 13, 21, 28, 14, 19 एवं एसी एक्सप्रेस की थर्ड एसी में 37, 48, 57, रिग्रेट, 99, 44, 25 वेटिंग चल रही है। वहीं लखनऊ से मुम्बई जाने वाली पुष्पक एक्सप्रेस की स्लीपर में दो अप्रैल तक 134, 123, 82, 51, 50, 52 व थर्ड एसी में 31, 32, 29, 25, 23 तथा गोरखपुर एलटीटी एक्सप्रेस की स्लीपर में 85, 56, 60, 66, 53, 36, थर्ड एसी में 24, 20, 23, 26, 36, 14 व कुशीनगर एक्सप्रेस की स्लीपर में 82, 78, 81, 58, 44, 48, थर्ड एसी में 25, 29, 28, 20, 19 वेटिंग चल रही है। कमोबेश अवध एक्सप्रेस, गोरखपुर पनवेल सहित अन्य ट्रेनों में भी वेटिंग है।
महंगी चेयरकार भी फुल
लखनऊ से दिल्ली जाने वाली चेयरकार ट्रेनें भले ही महंगी हो, पर इन ट्रेनों में भी लम्बी वेटिंग चल रही है। लखनऊ जंक्शन से नई दिल्ली जाने वाली तेजस एक्सप्रेस की चेयरकार में अगले पांच दिन 20, 16, 54, 99, 32 वेटिंग चल रही है। वंदे भारत एक्सप्रेस की चेयरकार में 98,112, 136, 164, 71 वेटिंग है। शताब्दी एक्सप्रेस की चेयरकार में 41, 45, 45, 60, 89 वेटिंग है। हालांकि डबलडेकर एक्सप्रेस में सीटें उपलब्ध हैं।
तत्काल कोटा 48 सौ, वेटिंग 52 हजार पार
लखनऊ से दिल्ली, मुम्बई व कोलकाता रूट पर चलने वाली ट्रेनों के लिए तत्काल कोटे में 48 सौ सीटें हैं। जिनके सहारे पैसेंजर वापसी की राह तक रहे हैं। लेकिन इन सीटों के एवज में 52 हजार के आसपास पैसेंजर वेटिंग में हैं। इतना ही नहीं बुधवार को तत्काल कोटे की आस में पैसेंजरों ने सुबह टिकट बुक करवाए, लेकिन देखते ही देखते ट्रेनों में वेटिंग शुरू हो गई और पैसेंजरों के हाथ मायूसी लगी।