फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: जिस जज ने सुनाया था बाबरी मस्जिद केस का फैसला, सीएम योगी ने बनाया उप-लोकायुक्त

Mon, 12 Apr 2021 08:26 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

सुरेंद्र यादव 30 सितंबर 2019 को जिला जज लखनऊ के पद से रिटायर हुए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश से उन्होंने राम जन्मभूमि व विवादित ढांचे को निर्णीत करने के लिए 30 सितंबर 2020 तक सीबीआई अयोध्या प्रकरण के रूप में काम किया।
विज्ञापन
रिटायर्ड जस्टिस सुरेंद्र कुमार यादव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रिटायर्ड जस्टिस सुरेंद्र कुमार यादव को सोमवार को उप लोकायुक्त के पद की शपथ लोकायुक्त जस्टिस संजय मिश्रा ने दिलाई। सुरेंद्र मूल रुप से जौनपुर के रहने वाले हैं।

विज्ञापन


उनकी शिक्षा दीक्षा वाराणसी में हुई। सुरेंद्र यादव 30 सितंबर 2019 को जिला जज लखनऊ के पद से रिटायर हुए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश से उन्होंने राम जन्मभूमि व विवादित ढांचे को निर्णीत करने के लिए 30 सितंबर 2020 तक सीबीआई अयोध्या प्रकरण के रूप में काम किया।

उन्होंने रिटायर होने से ठीक पहले 30 सितंबर 2020 को इस मामले में फैसला सुनाया। अब प्रदेश सरकार ने उन्हें उप लोकायुक्त बनाया है। प्रदेश में दो उप लोकायुक्त पहले से कार्यरत हैं। लोकायुक्त कार्यालय में हुए कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन


सीबीआई कोर्ट के जज रहते हुए बाबरी केस में उन्होंने लाल कृष्ण आडवाणी, एमएम जोशी, उमा भारती और कल्याण सिंह जैसे दिग्गजों को बरी कर दिया था। सुरेंद्र कुमार यादव को छह अप्रैल को यूपी के तीसरे उप लोकायुक्त के रूप में नियुक्त किया गया और सोमवार को शपथ लेकर उन्होंने अपना पदभार संभाला।

भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के लिए बनाए गए इस पर एक लोकायुक्त और तीन उप-लोकायुक्त आसीन होते हैं। यादव के अतिरिक्त अन्य दो उप लोकायुक्त शंभु सिंह 4 अगस्त 2016 में और दिनेश कुमार सिंह 6 जून 2020 में नियुक्त हुए थे। उप लोकायुक्त का कार्यकाल आठ साल होता है।
विज्ञापन


लोकायुक्त एक गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि से होता है और वैधानिक तौर पर सरकारी भ्रष्टाचार, सरकारी अव्यवस्था या शक्तियों के गलत उपयोग के मामलों को देखता है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें