राजेंद्र के अनुसार, अक्तूबर 2024 में आईसीआईसीआई बैंक शाख कठौता में उनकी मुलाकात अरविंद से हुई थी। अरविंद ने अपने पारिवारिक आभूषण कारोबार में निवेश कर अच्छे लाभ का लालच दिया। इस पर उन्होेंने 20 लाख रुपये अरविंद को दिए। अरविंद, उसके पिता राजकेसर, पत्नी कंचन और बेटे यश का उनके घर आना-जाना शुरू हो गया। एक दिन आरोपी ने सुशांत गोल्फ सिटी में सराफ की दुकान खोलने का प्रस्ताव दिया। उसने उन्हें हिस्सेदार बनाने का झांसा दिया। उन्होंने बेटे सर्वजीत के नाम पर 70 लाख रुपये का ऋण लेकर अरविंद को दिए। रकम के बदले आरोपी ने सुरक्षा के तौर पर सोने के गहने गिरवी रखे थे।
राजेंद्र का कहना है कि न तो उन्हें लाभ मिला और न ही निवेश की गई रकम। आरोपी ने उनके कॉल और मेसेज का जवाब देना बंद कर दिया। वह जब दुकान पहुंचे तो राजकेसर ने अरविंद का दुकान से संबंध होने से इन्कार किया। गिरवी रखे गहने बेचने गए तो वह भी नकली निकले। इंस्पेक्टर राम सिंह के अनुसार, अरविंद, राजकेसर, कंचन और यश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना में जो भी साक्ष्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।