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अमेठी: रिटायर्ड फौजी की वाहन से रौंदकर निर्मम हत्या, परिवारीजनों ने बांदा-टांडा हाइवे पर शव रखकर किया प्रदर्शन

Mon, 18 Oct 2021 10:18 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, अमेठी

सार

तहरीर पर हत्या का केस दर्ज नहीं होने से परिवार व ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया। आक्रोशित परिवारीजनों ने ग्रामीणों के साथ पोस्टमॉर्टम के बाद हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिससे करीब पांच घंटों ते हाइवे जाम रहा। 
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सड़क पर प्रदर्शन करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमेठी के मुंशीगंज के एचएएल गेट से घर वापस लौट रहे रिटायर्ड फौजी को वाहन ने रौंद दिया। गंभीर रूप से घायल रिटायर्ड फौजी को उपचार के लिए लखनऊ ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। मौत के बाद पत्नी ने गांव के ही दो लोगों पर वाहन से रौंदकर पति की हत्या करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करने की मांग की। 

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तहरीर पर हत्या का केस दर्ज नहीं होने से परिवार व ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया। आक्रोशित परिवारीजनों ने ग्रामीणों के साथ पोस्टमॉर्टम के बाद हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिससे करीब पांच घंटों ते हाइवे जाम रहा। 

मामले की सूचना पर पहुंचे एसपी व एडीएम ने 24 घंटे में गिरफ्तारी व सुरक्षा समेत अन्य मांगें पूरी कराने के लिए शासन को पत्र भेजने का आश्वासन देकर शांत कराया। इसके बाद परिवार के लोग दाह संस्कार करने को राजी हुए। 
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मुंशीगंज थाना क्षेत्र के पश्चिम दुवारा गांव निवासी संतोष सिंह (40) सेना से सेवानिवृत्त होकर घर पर रहते थे। रविवार को संतोष सिंह मुंशीगंज स्थित एचएएल गेट से वापस लौट रहे थे कि दीनापुर गांव के समीप नहर पुल पर एक वाहन ने उन्हें रौंद दिया। दुर्घटना के बाद संतोष सिंह को मुंशीगंज स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया जहां हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने उन्हें ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। 

संतोष को परिवारीजन लखनऊ ले जा रहे थे कि रास्ते में उनकी मौत हो गई। संतोष की मौत के बाद पत्नी मधुलिका सिंह ने गांव के ही विजय प्रताप सिंह व उदय प्रताप सिंह पर वाहन से रौंदकर पति की हत्या कराने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। मधुलिका के अनुसार घायल संतोष सिंह ने मुंशीगंज स्थित निजी अस्पताल में इलाज के दौरान पुलिस को बयान देकर उक्त दोनों पर वाहन से रौंदकर हत्या करने की बात बताई थी। 

बावजूद इसके पुलिस ने तहरीर पर हत्या के बजाए गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया। इसकी जानकारी मिलने पर परिवारीजन व ग्रामीण आक्रोशित हो गए। सोमवार को शव का पोस्टमॉर्टम होने के बाद आक्रोशित परिवारीजन व ग्रामीणों ने टांडा-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित घाटमपुर गांव के समीप शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। 

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आक्रोशित परिवारीजन हत्या का केस दर्ज करने, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने, आर्थिक मदद देने तथा थाने में तैनात एक सिपाही पर हत्यारोपियों की मदद करने तथा मुंशीगंज पुलिस से जांच नहीं करवाने की मांग करने लगे। राष्ट्रीय राजमार्ग जाम की सूचना पर एडीएम एसपी सिंह व एएसपी विनोद पांडेय तत्काल मौके पर पहुंच आक्रोशित लोगों को समझाने लगे। 

बावजूद इसके परिवारीजन व ग्रामीण डीएम व एसपी को बुलाने की जिद पर अड़े रहे। अफसरों की सूचना पर मौके पर पहुंचे एसपी दिनेश सिंह ने 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी व परिवार के सुरक्षा का भरोसा दिलाया। वहीं एडीएम ने मांग पत्र के अनुरूप शासन से अधिकतम सहायता की अनुशंसा करने समेत अन्य मांगें नियमानुसार पूरी करने का आश्वासन दिया तब प्रदर्शन कर रहे लोग शांत हुए। इसके बाद शव को दाह संस्कार के लिए ले गए। इस दौरान करीब साढ़े पांच घंटे हाइवे जाम रहा। शव हटने के बाद पुलिस ने यातायात बहाल कराया। 

कहीं चुनावी रंजिश तो नहीं हत्या की वजह 
वर्ष 2018 में सेना से रिटायर्ड होने के बाद मृतक संतोष सिंह समाज सेवा में जुट गए। पंचायत चुनाव में फौजी ने अपनी पत्नी मधुलिका सिंह को ग्राम प्रधान प्रत्याशी के रूप में उतारा था। वहीं उदय प्रताप सिंह की पत्नी शारदा देवी चुनाव जीत गई तो मधुलिका दूसरे नंबर पर रहीं। प्रदर्शन स्थल पर ग्रामीणों में हत्या का कारण चुनावी रंजिश चर्चा का विषय रही। दबी जुबान से लोग हत्या की वजह चुनावी रंजिश होने की बात कह रहे थे।  

बेटियों का बुरा हाल
मृतक फौजी संतोष सिंह अपने माता पिता की इकलौती संतान थे। उनके माता, पिता की मौत हो चुकी है। घटना के बाद मृतक की पत्नी मधुलिका सिंह (38), पुत्री सान्या (15) तथा शुभी (12) का रो-रोकर बुरा हाल है। संतोष की मौत के बाद बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया।
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