आक्रोशित परिवारीजन हत्या का केस दर्ज करने, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने, आर्थिक मदद देने तथा थाने में तैनात एक सिपाही पर हत्यारोपियों की मदद करने तथा मुंशीगंज पुलिस से जांच नहीं करवाने की मांग करने लगे। राष्ट्रीय राजमार्ग जाम की सूचना पर एडीएम एसपी सिंह व एएसपी विनोद पांडेय तत्काल मौके पर पहुंच आक्रोशित लोगों को समझाने लगे।
बावजूद इसके परिवारीजन व ग्रामीण डीएम व एसपी को बुलाने की जिद पर अड़े रहे। अफसरों की सूचना पर मौके पर पहुंचे एसपी दिनेश सिंह ने 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी व परिवार के सुरक्षा का भरोसा दिलाया। वहीं एडीएम ने मांग पत्र के अनुरूप शासन से अधिकतम सहायता की अनुशंसा करने समेत अन्य मांगें नियमानुसार पूरी करने का आश्वासन दिया तब प्रदर्शन कर रहे लोग शांत हुए। इसके बाद शव को दाह संस्कार के लिए ले गए। इस दौरान करीब साढ़े पांच घंटे हाइवे जाम रहा। शव हटने के बाद पुलिस ने यातायात बहाल कराया।
कहीं चुनावी रंजिश तो नहीं हत्या की वजह
वर्ष 2018 में सेना से रिटायर्ड होने के बाद मृतक संतोष सिंह समाज सेवा में जुट गए। पंचायत चुनाव में फौजी ने अपनी पत्नी मधुलिका सिंह को ग्राम प्रधान प्रत्याशी के रूप में उतारा था। वहीं उदय प्रताप सिंह की पत्नी शारदा देवी चुनाव जीत गई तो मधुलिका दूसरे नंबर पर रहीं। प्रदर्शन स्थल पर ग्रामीणों में हत्या का कारण चुनावी रंजिश चर्चा का विषय रही। दबी जुबान से लोग हत्या की वजह चुनावी रंजिश होने की बात कह रहे थे।
बेटियों का बुरा हाल
मृतक फौजी संतोष सिंह अपने माता पिता की इकलौती संतान थे। उनके माता, पिता की मौत हो चुकी है। घटना के बाद मृतक की पत्नी मधुलिका सिंह (38), पुत्री सान्या (15) तथा शुभी (12) का रो-रोकर बुरा हाल है। संतोष की मौत के बाद बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया।