करीब एक महीने से पूरे देश में लॉकडाउन है। शनिवार से रमजान का महीना भी शुरू हो गया। पुलिस इस दौरान कानून व्यवस्था को लेकर काफी सतर्क है। संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था नवीन अरोरा ने रविवार को 21 बिंदुओं का आदेश जारी किया।
इसमें लॉकडाउन के दौरान धारा 144 लागू होने का जिक्र है। आदेश में साफ कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थल पर टेंट लगाकर खाद्य सामग्री नहीं बांट सकेगा।
लाउडस्पीकर लगाकर किसी भी तरह का आयोजन या धार्मिक जुलूस भी प्रतिबंधित रहेगा। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नियमों को न मानने वालों पर मुकदमें भी दर्ज किए जाएंगे।
संयुक्त पुलिस आयुक्त नवीन अरोरा के मुताबिक इस दौरान बिना अनुमति किसी तरह का कोई प्रचार नहीं करेगा। जेसीपी कानून व्यवस्था के मुताबिक पुलिस अर्धसैनिक बल व सुरक्षाकर्मियों के अलावा दिव्यांग जनों को ही लाठी-डंडे लेकर चलने की अनुमति है।
विवाह और शवयात्रा में भी सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी
इसके अलावा कोई व्यक्ति लाठी-डंडे, असलहे या धारदार हथियार लेकर चलता मिला तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। 21 बिंदुओं के इस नोटिस को कमिश्नरेट के सभी डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी और थाना के कार्यालय में चस्पा किया जाएगा।
आदेश में कहा गया है कि शादी विवाह व ऐसे आयोजन प्रतिबंधित हैं। विशेष परिस्थितियों में विवाह का आयोजन होता है तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य है। वहीं शवयात्रा के दौरान भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाना जरूरी है। नियम न मानने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
धार्मिक स्थलों पर नहीं लगेंगे पोस्टर-बैनर
नवीन अरोरा ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान मांस-मदिरा की बिक्री और परिवहन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। वहीं धार्मिक स्थलों पर झंडे, बैनर, पोस्टर नहीं लगाने दिया जाएगा।
इन आदेशों का पालन जो नहीं करेगा उसके खिलाफ पुलिस मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करेगी। इसके अलावा उन्होंने किसी भी तरह की अफवाह फैलाने या भ्रामक बयान देने वालों को भी चेतावनी दी। ऐसा करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।