मौसमी की चीख से आसपास के लोग जुट गए और उसे आग की लपटों से बचाया। मौसमी को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
आशीष के मुताबिक शनिवार रात करीब 11:30 बजे बहन मौसमी ने उसे फोन किया था। उसने रोते हुए बताया था कि पति समेत अन्य लोग उसे दहेज की बात को लेकर मारपीट कर रहे हैं। आशीष ने कहा कि फोन पर पीछे से चीखने-चिल्लाने की आवाज भी आ रही थी।