यूपी नीट-2016 की काउंसलिंग फिर से होगी। इसी के साथ ही 3 से 8 और 14 सितंबर को हुई काउंसलिंग के सभी सीट आवंटन व प्रवेश निरस्त कर दिए गए हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश के बाद चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय (डीजीएमई) ने ये निर्देश जारी किए हैं।
रिपीट काउंसलिंग अब 20, 21 और 22 सितंबर को होगी। इसमें सभी अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना होगा। दुबारा काउंसलिंग की पूरी जानकारी डीजीएमई की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है। यह काउंसलिंग प्रदेश के सभी राजकीय और निजी मेडिकल कॉलेजों के लिए होगी।
निजी क्षेत्र के कॉलेजों के लिए शिक्षा शुल्क के संबंध में शासनादेश जारी हो चुके हैं। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा प्रो. वीएन त्रिपाठी ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अनएडेड मेडिकल कॉलेजेज वेलफेयर एसोसिएशन की रिट याचिका की सुनवाई करते हुए प्रदेश के सभी मेडिकल संस्थानों के एमबीबीएस और बीडीएस मेडिकल कोर्सेस में एडमिशन के लिए केंद्रीयकृत काउंसलिंग करवाने के सरकार के आदेशों को बरकरार रखा था।
वहीं प्राइवेट कॉलेजों की 50 प्रतिशत सीटों पर राजकीय शुल्क के बराबर शुल्क पर गरीब विद्यार्थियों को एडमिशन का प्रावधान भी हाईकोर्ट ने सशर्त रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा था, पहले राउंड की काउंसलिंग फिर से कराया जाए।
यह काउंसलिंग हो चुकी है, लेकिन इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया था। हाईकोर्ट ने इसे जल्द से जल्द करवाने और प्रवेश प्रक्रिया जल्द पूरी करने के लिए कहा था। इसी आधार पर रिपीट काउंसलिंग कराई जा रही है।
काउंसलिंग सेंटर पर होना होगा उपस्थित
डेमो
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यह काउंसलिंग नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट)- 2016 के आधार पर कराई जानी है। हाईकोर्ट ने निर्देशित किया था कि अल्पसंख्यक संस्थान अपने समुदाय के विद्यार्थियों का एडमिशन भी इसी केंद्रीयकृत काउंसलिंग से करेंगे।
प्रो. त्रिपाठी ने बताया कि सभी अभ्यर्थियों को काउंसलिंग सेंटर पर दोबारा व्यक्तिगत उपस्थित होना होगा। उनके न पहुंचने पर आवंटन और प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसलिए रिपीट काउंसलिंग में अभ्यर्थी अपनी सुविधा अनुसार किसी भी काउंसलिंग सेंटर पर पहुंच सकते हैं।
जबकि पहली काउंसलिंग में शामिल स्टूडेंट्स अपने पूर्व के काउंसलिंग केंद्रों पर ही उपस्थित होंगे। जो छात्र यूपी नीट - 2016 की पहली काउंसलिंग के जरिए मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेकर पढ़ाई कर रहे हैं।
वह अपने निकटवर्ती किसी भी काउंसलिंग केंद्र पर उपस्थित होकर उसमें हिस्सा ले सकते हैं। ऐसे अभ्यर्थी जो मेरिट लिस्ट में हैं, लेकिन पूर्व आयोजित प्रथम चक्र की काउंसलिंग में शामिल नहीं हुए थे, वह भी इसमें शामिल हो सकते हैं।
डीजीएमई के मुताबिक रिपीट काउंसलिंग में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी को फिर से पूरी प्रक्रिया करनी होगी। इसमें उपस्थिति पंजीकरण फॉर्म विभागीय वेबसाइट से डाउनलोड कर उसे भरकर, सभी जरूरी अभिलेखों की स्वप्रमाणित फोटोकॉपी सहित काउंसलिंग केंद्र पर निर्धारित तिथि को जमा करना होगा।
तभी उसका रिपीट काउंसलिंग में पंजीकरण हो पाएगा। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय ने सभी डीन और प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है कि वह सभी स्टूडेंट्स जिनके मूल अभिलेख संबंधित कॉलेज में जमा हैं, उन्हें एनओसी जारी करें ताकि उन्हें रिपीट काउंसलिंग में शामिल होने में दिक्कत न हो।
एनओसी न मिलने पर ये प्रमाण पत्र जरूरी
- नीट यूपी 2016 की पहली काउंसलिंग से मिला आवंटन पत्र
- प्रवेश के लिए जमा किए गए शुल्क रसीद की फोटोकॉपी
- कॉलेजों में मूल अभिलेख जमा किए जाने की प्राप्ति रसीद