उन्नाव प्रकरण में पीड़िता के पिता की हत्या के आरोपी अतुल सेंगर व उसके चार अन्य साथियों की सीबीआई रिमांड अवधि रविवार को सुबह 10 बजे पूरी हो रही है। सीबीआई को पूछताछ में काफी जानकारियां मिली हैं। इसलिए माना जा रहा है कि अब अतुल की दोबारा रिमांड नहीं ली जा सकती है।
सीबीआई सूत्रों का कहना है कि अतुल और उसके साथियों सोनू सिंह, शैलू सिंह, विनीत मिश्रा व बउवा से सीबीआई काफी कुछ उगलवा चुकी है। सीबीआई ने इनकी दस दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने केवल चार दिन की रिमांड मंजूर की थी। ऐसे में सभी आरोपियों को वापस जेल भेज दिया जाएगा।
सूत्रों का यह भी कहना है कि आरोपियों से सीबीआई की टीम अन्य सहयोगियों के नाम कुबूल नहीं करवा पाई है, लेकिन दावा किया जा रहा है कि अतुल के साथियों ने पीड़िता के पिता के साथ मारपीट की घटना में शामिल होने की बात कुबूली है। इस मामले में सीबीआई विधायक कुलदीप सेंगर की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
अब होगी पुलिस कर्मियों की भूमिका की जांच
सूत्रों का कहना है कि अब सीबीआई की जांच पुलिस कर्मियों के इर्द-गिर्द टिकेगी। एजेंसी यह पता करने की कोशिश कर रही है कि क्या पुलिस की भूमिका आपराधिक प्रवृत्ति की है या केवल लापरवाही की? अगर आपराधिक षड्यंत्र की बात सामने आई तो सीबीआई पुलिस कर्मियों के नाम अपनी विवेचना में शामिल कर उनसे पूछताछ कर गिरफ्तार कर सकती है। अगर केवल लापरवाही की बात पता चली तो सीबीआई डीजीपी या गृह विभाग को कार्रवाई के लिए लिखेगी।