लखनऊ। प्रशासन ने किसानों को आपदा राहत के तहत सहायता राशि दे दी, लेकिन प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बीमा कंपनी अभी सर्वे में ही अटकी है। 15 दिन से अधिक समय बीत चुका है। धनराशि तो दूर किसानों का पूरा विवरण भी नहीं जुटाया जा सका है।
खरीफ सीजन में करीब 40 हजार किसानों का फसल बीमा हुआ है। 25, 26 और 27 सितंबर को लखनऊ में अतिवृष्टि और तेज हवा से फसलों को नुकसान पहुंचा था। कृषि विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में किसानों की करीब 15 सौ हेक्टेयर धान की फसल बर्बाद होने की बात सामने आई थी। उड़द और अन्य फसलें भी बर्बाद हुई थीं। सबसे अधिक नुकसान बख्शी का तालाब, काकोरी और माल विकास खंड क्षेत्र के किसानों को हुआ था।
बारिश के बाद बाढ़ ने भी बीकेटी और काकोरी क्षेत्र के किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया। कृषि विभाग के साथ ही बीमा कंपनी ने भी सर्वे शुरू किया था, मगर अब तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। उप निदेशक कृषि विनय कौशल ने बताया कि बीमा कंपनी की ओर से अभी सर्वे किया जा रहा है। राजस्व विभाग की ओर से राहत राशि भेज दी गई है।
पांच हजार से ज्यादा किसानों को मिली राहत राशि
आपदा राहत के तहत लखनऊ के करीब 5,700 किसानों को सहायता राशि दी गई है। ज्यादातर किसानों के खाते में धनराशि भेज दी गई है। शेष में प्रक्रिया में है। इन किसानों को करीब 2.50 करोड़ रुपये की सहायता राशि भेजी गई है।
किसानों की बर्बाद फसल।
किसानों की बर्बाद फसल।