लखनऊ। विकासनगर अग्निकांड मामले में दायर याचिका पर अब हाईकोर्ट के आदेश पर राहत आयुक्त और प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी को भी पक्षकार बनाया जाएगा। उन्हें शपथपत्र के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा।
मामला हाईकोर्ट पहुंचने से जिला प्रशासन असमंजस में है। जिलाधिकारी विशाख जी ने इस संबंध में शासन के उच्चाधिकारियों से भी वार्ता की है। उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया था कि संबंधित भूमि पीडब्ल्यूडी की है। प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सहायता का ब्योरा भी दाखिल किया गया था। कोर्ट इससे सहमत था, लेकिन भूमि पीडब्ल्यूडी की होने के कारण नए पक्षकार बनाने का आदेश दिया। उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और अगली सुनवाई से पहले यह प्रक्रिया पूरी होगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि पीड़ित परिवारों के लिए घटना के दिन से ही रैन बसेरों में व्यवस्था की गई है। हालांकि, पीड़ित वहां से हटने को तैयार नहीं हैं और इसकी जानकारी कोर्ट को भी दी गई है। भोजन की व्यवस्था जारी है और सहायता के लिए क्षति व पीड़ित का ब्योरा इकट्ठा किया जा रहा है। नियमानुसार सहायता राशि देने में कुछ दिन और लगेंगे। प्रशासन ने पीड़ितों को हटाने या कहीं और बसाने पर कोई निर्णय नहीं लिया है, आगे की कार्रवाई कोर्ट के आदेशानुसार होगी।
विकासनगर अग्निकांड।
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