राज्य सरकार निजी क्षेत्र के बिल्डरों द्वारा गरीबों के लिए बनाए जा रहे ईब्ल्यूएस श्रेणी के मकानों को प्रोत्साहित करने के लिए 500 रुपये के स्टांप पर रजिस्ट्री कराने की सुविधा देने पर विचार कर रही है। अभी तक यह सुविधा सिर्फ विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद की योजनाओं में बने इस श्रेणी के मकानों पर ही मिलते थे। निजी क्षेत्र के मकानों की रजिस्ट्री काफी मंहगी होने की वजह से यह बिक नहीं पा रही थीं।
आवास बंधु के निदेशक रवि जैन ने सभी विकास प्राधिकरण उपाध्यक्षों और आवास आयुक्त को पत्र भेजकर निजी क्षेत्र में बने ऐसे मकानों की जानकारी मांगी है। पत्र में कहा गया है कि निजी विकासकर्ताओं ने 05 दिसंबर 2013 की व्यवस्था के तहत विकसित की जाने वाली आवासीय परियोजनाओं में ईडब्ल्यूएस मकानों की रजिस्ट्री पर 500 रुपये से अधिक स्टांप लगने पर छूट देने की मांग की है। यह स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग में विचाराधीन है। लिहाजा इन मकानों की वास्तविक संख्या 27 फरवरी तक आवास बंधु के कार्यालय में उपलब्ध करा दी जाए। विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद से इसकी सूचना मिलने के बाद इस पर अंतिम फैसला होगा।