इस महीने के बिजली बिल ने लाखों उपभोक्ताओं की धुकधुकी बढ़ा दी। हुआ ये कि कई उपभोक्ताओं को पिछले महीने के जमा बिल की राशि जोड़ते हुए इस महीने का बिल भेज दिया गया। इससे हड़कंप मच गया। मामला पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन तक पहुंचा तो छानबीन में पता चला कि बिलिंग एजेंसी के सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी से ये गलती हुई है। पावर कॉर्पोरेशन के सीएमडी ने इन बिलों को ठीक करने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं के पास जब बीते माह जमा बिल की भी राशि जुड़कर पहुंची तो हड़कंप मच गया। लोग बिल ठीक कराने के लिए बिजली दफ्तरों का चक्कर काटने लगे। इसकी खबर मिलते ही राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने कई उपभोक्ताओं के बिल के साथ पावर कॉर्पोरेशन के सीएमडी एम देवराज व निदेशक (वाणिज्य) एके श्रीवास्तव से शक्ति भवन में मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया। छानबीन के बाद पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने भी माना कि यह गलत हुआ है और बिलिंग सॉफ्टवेयर में जल्द सुधार का आश्वास दिया।
अध्यक्ष ने इस मामले पर मध्यांचल के प्रबंध निदेशक से भी बात की और राहत दिलाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि भले बिजली बिल में बकाए के रूप में दर्शाई जा रही जमा राशि वसूली नहीं जा रही, लेकिन यह बड़ी चूक है जिससे उपभोक्ताओं को बेवजह तनाव झेलना पड़ रहा है।
उपभोक्ता परिषद ने सीएमडी का ध्यान उपभोक्ताओं के घर पर उपलब्ध कराए जा रहे बिलों की तरफ पर भी दिलाया। बताया कि उपभोक्ताओं को जो बिल मिल रहा है उसमें केवल यूनिट और पूरा भुगतान दिखया जा रहा जबकि उसमें फिक्स्ड चार्ज, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी, एनर्जी चार्ज सबकी अलग-अलग राशि दिखनी चाहिए। पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने इस पर उपभोक्ता परिषद से सुझाव मांगा है जिससे बिल के प्रारूप का सरलीकरण किया जा सके।