मोहसिन अपने पूरे परिवार के साथ रजिस्ट्रेशन के लिए पहुंचे थे
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सभी समुदाय के लिए विवाह रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता बाद निकाह का वैधानिक रजिस्ट्रेशन कराने की पहल से चर्चा में आए वक्फ व अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री मोहसिन रजा का विवाह पंजीयन आवेदन तय मियाद में उपस्थिति दर्ज न कराने पर निरस्त हो गया है। अब व निकाह का कानूनी तौर पर रजिस्ट्रेशन कराने को फिर नए सिरे से आवेदन कर पूरी प्रक्रिया को अपनाना पड़ेगा।
मोहसिन रजा ने प्रदेश सरकार के निर्णय को बेहतर सोच बताते हुए 3 अगस्त को निकाह के 16 साल बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर पंजीयन का आवेदन किया था। इस दौरान उनकी पत्नी फौजिया फातिमा, वालिदा जाहिदा बेगम सास हाजरा बेगम व ससुर जमाल हामिद भी साथ मौजूद थे।
राज्य मंत्री ने तात्कालिक प्रभारी अधिकारी एडीएम टीजी के कक्ष में पहुंच कर अधिवक्ता के माध्यम से निकाह के वैधानिक रजिस्ट्रेशन को जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत किया था। इसमें गवाह के बतौर उनकी वालिदा व सास ससुर ने खुद आगे आकर हस्ताक्षर किए थे।
पंजीयन से पहले इस पर आपत्ति प्राप्त करने को एक माह की मियाद तक के लिए आवेदन पत्र नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया गया। इसके बाद साठ दिन की बची हुई अवधि में आवेदक पति पत्नी को पुन: प्रभारी अधिकारी विवाह व एडीएम ट्रांसगोमती के समक्ष उपस्थित हो कर कुछ कानूनी औपचारिकता पूरी करने बाद रजिस्ट्रेशन का प्रमाणपत्र प्राप्त करना था।