पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी का घर फूंकने के लगभग छह साल बाद सीबीसीआईडी जांच में राजधानी के तत्कालीन डीआईजी प्रेम प्रकाश, एएसपी पूर्वी हरीश कुमार और सीओ हजरतगंज बीएस गर्ब्याल सहित 18 पुलिसकर्मियों की सक्रिय भूमिका पाई गई है।
जांच में पाया गया है कि तत्कालीन पुलिस अफसरों ने न सिर्फ रीता का घर जलाने वालों का सहयोग किया, बल्कि वास्तविक आरोपियों को बचाने की नीयत से पांच निर्दोषों को जेल भेज दिया।
बृहस्पतिवार को सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर मृत्युंजय सिंह ने हुसैनगंज कोतवाली में आगजनी और तोड़फोड़ में सहयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ तथा शुक्रवार को आरोपियों को बचाकर निर्दोषों को जेल भेजने के मामले में अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई।
इससे पूर्व सीबीसीआईडी ने अपनी जांच में वर्तमान डीजीपी व तत्कालीन आईजी रेंज रहे एके जैन को भी वारदात को नजरअंदाज करने का आरोपी मानते हुए शासन को रिपोर्ट दी थी, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।