अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दरियापुर में 1785 नियमित पदों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हरी झंडी दे दी है। अब प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय में स्वीकृति के लिए भेजा गया है। अगले महीने प्रस्ताव के पास होने की उम्मीद है। एम्स में 250 सुपर स्पेशलिस्ट व अन्य डॉक्टरों के साथ 300 रेजीडेंट चिकित्सकों के पद नियमित होंगे।
इसके अलावा नर्सिंग के साथ ही अन्य एक हजार से अधिक पद होंगे। अगस्त महीने से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू कराने के लिए पहले से ही यहां 24 फैकल्टी (संकायों) के पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है।
एम्स दरियापुर में 13 अगस्त 2018 से ओपीडी चल रही है। यहां मेडिसिन, डेंटल, अस्थि रोग, पीड्रियाटिक, ईएनटी आदि सुविधाएं मिल रही हैं। इमरजेंसी व मरीजों को भर्ती करने के साथ ही सर्जरी की सुविधा शुरू नहीं कराई गई है। एम्स को पूरी तरह से संचालित कराने के लिए चिकित्सकों व नर्सिंग समेत करीब 1785 नियमित पद भरे जाएंगे।
पीजीआई चंडीगढ़ ने इन पदों की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव तैनात करके मंत्रालय को भेजा था। स्वास्थ्य मंत्रालय ने नियमित पदों को स्वीकृति देकर वित्त मंत्रालय को प्रस्ताव भेज दिया है। वित्त मंत्रालय के स्वीकृति मिलने के बाद नियमित पदों को भरने का काम शुरू हो जाएगा।
अगस्त माह से एमबीबीएस के 50 बच्चों के बैच की पढ़ाई शुरू कराने के लिए प्रक्रिया चल रही है। दिल्ली एम्स में एमबीबीएस में दाखिले के लिए चल रही प्रक्रिया के बाद यहां दाखिला होगा। पहले बैच को शुरू कराने के लिए प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर सहित 24 फैकल्टियों के लिए पीजीआई चंडीगढ़ में प्रक्रिया चल रही है। तीन जुलाई तक आवेदन जमा हो जाने के बाद 25 जुलाई तक सभी फैकल्टियों को भरने का काम पूरा कर लिया जाएगा।