उत्तर प्रदेश में अधिक से अधिक रोजगार देने के मुख्यमंत्री की मुहिम के तहत बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने कनिष्ठ सहायकों और सुवरवाइजरों (मुख्य सेविका) के रिक्त पदों पर भर्ती की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) निदेशालय द्वारा 2981 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
इनमें 2214 पदों सुवरवाइजर के और 767 पद कनिष्ठ सहायक के शामिल हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए अधियाचन जल्द ही उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भेजा जाएगा। ये पद 15 साल से अधिक समय से रिक्त हैं।
गौरतलब है कि इन पदों पर भर्ती के लिए 2005 और 2010 में विज्ञापन जारी किया था। जिसके आधार पर लाखों की संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे, लेकिन आवेदनों की छंटाई में काफी देर होने और प्रक्रिया शुरू होने काफी समय लग गया। तब तक सरकार के बदल जाने की वजह से इन पदों पर भर्तियां अटक गई थीं।
जब तक आयोग को अधियाचन भेजा गया तब तक पहले के विज्ञापन के आधार पर आवेदन करने वाले तमाम आवेदकों की उम्र अधिक हो चुकी थी। इस आधार पर आयोग ने इस पर आपत्ति लगा दी थी। उधर आवेदक यह कहते हुए आयु में छूट देने की मांग करने लगे कि भर्ती की प्रक्रिया में विलंब विभाग और आयोग की वजह से हुई है। इसलिए उन्हें आयु में छूट देनी चाहिए।
आयोग ने भी पुराने अधियाचन को यह कहते हुए विभाग को वापस कर दिया कि पहले जारी किए गए विज्ञापन के बारे में निर्णय ले लिया जाए। पिछले दिनों मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई और भर्ती के लिए नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने को हरी झंडी दे दी गई थी।
मुख्यमंत्री ने भी सभी विभागों में रिक्त पदों को भरने का अभियान चलाने का निर्देश दिया था। इसके मद्देनजर एक बार फिर से भर्ती की कवायद शुरू कर दी गई है। सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘मिशन रोजगार’ के तहत ही विभाग ने कनिष्ठ लिपिकों और सुपरवाइजरों के रिक्त पदों को भरने का प्रस्ताव तैयार किया है।