कोरोना काल में रोजगार के अवसर खत्म होने से पलायन व आर्थिक तंगी के चलते अभिभावकों को बच्चों के नाम स्कूलों से कटवाने पड़े। स्थितियां सामान्य होने पर कोविड प्रोटोकॉल के साथ स्कूल खुले तो दाखिले का ग्राफ 10 से 15 प्रतिशत तक गिर गया। इस पर बच्चों की वापसी के लिए सरकारी व निजी स्कूलों ने मुहिम छेड़ी। निजी स्कूलों ने 15 से 20 प्रतिशत तक फीस में छूट, एकमुश्त फीस न लेने और फीस न बढ़ाने के साथ नए दाखिलों में एडमिशन फीस न लेने जैसी बड़ी सहूलियत दी। ये प्रयास रंग लाए और अब स्कूल फिर से गुलजार हो उठे हैं।
महामारी में जिले में 8वीं के बाद 13 प्रतिशत बच्चे शिक्षा से दूर
महामारी में जिले में करीब 13 प्रतिशत बच्चों ने आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी। आमतौर पर इस आयु वर्ग के बच्चों की ड्रॉपआउट दर ढाई से पांच हजार के बीच ही रहती है, लेकिन 2020 में लॉकडाउन की वजह से आठवीं के बाद 11,084 बच्चों ने 9वीं में दाखिला नहीं लिया। यह गिरावट सभी बोर्डों के विद्यालय के दाखिले के आधार पर है। कुल 86,738 बच्चे कक्षा आठ में प्रमोट हुए। इनमें से बालकों की संख्या 45,329 और बालिकाओं की संख्या 41,409 थी, लेकिन 9वीं में 75,654 बच्चों ने ही दाखिला लिया। इनमें बालक 40,159 और बालिकाएं 35,495 रहीं। बालकों की ट्रांजिशन दर 88.59 और बालिकाओं की ट्रांजिशन दर 85.72 प्रतिशत रही।
यूपी बोर्ड में कम हो गए 14,500 से ज्यादा छात्र
केवल यूपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं के छात्रों की बात करें तो वर्तमान सत्र 2021-22 में गत सत्र 2020-21 के मुकाबले 14,569 छात्र कम हो गए हैं। 2020 में जब लॉकडाउन लगा तो कक्षा नौ और 11 में औसत से काफी कम पंजीकरण हुए। वर्तमान सत्र में 10वीं और 12वीं के छात्रों की संख्या 92,113 है, जबकि सत्र 2020-21 में यह संख्या 1,06,682 थी।
इन स्कूलों ने दी राहत
कोरोना की दूसरी लहर में सैकड़ों बच्चों ने अपने अभिभावकों को खोया। इस विकट परिस्थिति में सेंट जोसेफ इंटर कॉलेज, एसकेडी एकेडमी, अवध कॉलिजिएट, बाल निकुंज इंटर कॉलेज समेत कई विद्यालयों ने फीस में भारी भरकम छूट दी। जिनके माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु हुई, उनके बच्चों की फीस में 50 प्रतिशत तक छूट दी। वहीं, माता-पिता दोनों की मृत्यु पर बच्चे को इंटर तक निशुल्क पढ़ाने का निर्णय लिया। जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, पॉयनियर मॉन्टेसरी स्कूल, सेंट्रल एकेडमी, लामार्टिनियर कॉलेज, लखनऊ पब्लिक स्कूल, क्राइस्ट चर्च कॉलेज, वरदान इंटरनेशनल एकेडमी, सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, स्प्रिंगडेल कॉलेज, स्टडी हॉल, स्कॉलर्स होम और आरएलबी समेत कई स्कूल इस मुहिम में शामिल हुए।