HCBL बैंक प्रबंधन का कहना है कि एक लाख रुपये से अधिक जमा वाले उनके पास केवल 15 प्रतिशत ग्राहक ही हैं। ऐसे में करीब 7500 ग्राहकों का पैसा वापस नहीं दिया जा सकेगा।
वहीं, एचसीबीएल बैंक पर प्रतिबंध को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने सही ठहराया है। आरबीआई की क्षेत्रीय निदेशक सुप्रिया पटनायक का कहना है कि प्रतिबंध का फैसला काफी सोचने-समझने के बाद लिया गया। बैंक की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल होने के बाद अब आरबीआई अपना पक्ष 28 अप्रैल को रखेगा।
बुधवार को आरबीआई की क्षेत्रीय निदेशक ने अमर उजाला को बताया कि यह आदेश जल्दबाजी में बिल्कुल नहीं लिया गया। आरबीआई एक जिम्मेदार संस्था है जिसका काम ग्राहकों के आर्थिक हितों और बैंकों की कार्य प्रणाली पर नियंत्रण रखना है।
प्रतिबंध की वजह के सवाल पर उनका कहना है कि इसकी जानकारी बैंक के अधिकारियों को दी गई है। बैंक प्रबंधन इसके बाद भी अगर ग्राहकों के बीच भ्रामक सूचना फैला रहा है तो आरबीआई उन्हें रोक भी नहीं सकता। यह हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है।
आरबीआई ने नहीं बताया प्रतिबंध का कारण
आरबीआई के अनुसार प्रतिबंध की वजह की सूचना गोपनीय है। इसलिए इस सूचना को पब्लिक में साझा नहीं किया जा सकता है। वैसे भी बैंक प्रबंधन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
इसकी सुनवाई बुधवार को हुई। आरबीआई भी अपना पक्ष हाईकोर्ट के सामने रखेगी। सुप्रिया पटनायक का कहना है कि अब इस मामले में हाईकोर्ट का फैसला आने दीजिए।
निर्णय को बैंक ने ठहराया गलत
आरबीआई के प्रतिबंध को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बैंक प्रबंधन ने चुनौती दी है। इसके अलावा सोमवार से बैंक ने ग्राहकों को पर्चे बांटकर आरबीआई के निर्णय को ज्यादती बताया।
इसमें दावा किया गया कि बैंक की आर्थिक स्थिति ठीक होने के बाद भी यह प्रतिबंध लगाया गया। बैंक ने अपने पक्ष में ग्राहकों को रखने के लिए लगातार अपनी ब्रांचों में उनका पैसा निकालने की प्रक्रिया भी जारी रखी है।
दो दिन में बैंकों में भीड़ खत्म करेगा प्रबंधन: सीईओ
वहीं, एचसीबीएल बैंक के सीईओ पवन कपूर का कहना है कि बैंक प्रतिबंध के बाद पहले ही दिन से ग्राहकों के हित में काम कर रहा है।
पूरी टीम ने हर ग्राहक को उसका पैसा लौटाने की कोशिश की। इसी वजह से बुधवार तक पहले दिन की अपेक्षा भीड़ पूरी तरह बहुत कम हो गई।
सीईओ का दावा है कि दो दिन के भीतर यह पूरी भीड़ खत्म हो जाएगी। एक लाख रुपये तक के खाते वाले ग्राहकों का पूरा पैसा हम वापस कर रहे हैं।
एक लाख रुपये से ऊपर वाले ग्राहकों को पैसा वापस करने के लिए आरबीआई से अनुमति मांगी है। अगर यह अनुमति मिल जाती है तो हम बाकी पैसा भी वापस कर पाने की स्थिति में होंगे।
15 प्रतिशत लोगों ने ही जमा किए एक लाख से ज्यादा
बैंक प्रबंधन का कहना है कि एक लाख रुपये से अधिक जमा वाले उनके पास केवल 15 प्रतिशत ग्राहक ही हैं। ऐसे में करीब 7500 ग्राहकों का पैसा वापस नहीं दिया जा सकेगा।
अब 28 अप्रैल को सुनवाई
एचसीबीएल की आरबीआई के खिलाफ याचिका की सुनवाई बुधवार को हाईकोर्ट में हुई। हाईकोर्ट ने आरबीआई को अब शॉर्ट काउंटर एफीडेविट देने के लिए आदेश दिया है। अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी।
बैंक ने इस मामले में आरबीआई द्वारा बैंकिंग रेग्युलेशन एक्ट, 1949 के सेक्शन 35 (ए) में मिले अधिकार को भी चुनौती दी है। इसी अधिकार के तहत आरबीआई ने प्रतिबंध लगाकर बैंक को नए डिपोजिट करने से मना किया है।