आप यदि प्रॉपर्टी खरीदना चाहते हैं तो इस लिहाज से लखनऊ में निवेश करना फायदे का सौदा होगा। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी हाउस प्राइस इंडेक्स (एचपीआई) के मुताबिक, कानपुर, दिल्ली, मुंबई समेत देश के दस प्रमुख शहरों में खरीदी गई आवासीय संपत्ति में किए गए निवेश पर सबसे ज्यादा रिटर्न लखनऊ में ही मिल रहा है।
यहां सालाना रिटर्न 13.1 प्रतिशत है, जबकि देश के 9.3 फीसदी से करीब 41 फीसदी ज्यादा। बीते एक वर्ष में भी लखनऊ में प्रॉपर्टी की कीमतें रिटर्न के लिहाज से चौथी सर्वाधिक रहीं। आरबीआई के सहायक सलाहकार अजित प्रसाद के अनुसार, यह रिपोर्ट देश के 10 प्रमुख शहरों के आवास प्राधिकरणों से मिले आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है।
इसमें प्राधिकरणों और एजेंसियों में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के दर्ज आंकड़ों को आधार बनाया गया है। लखनऊ के इस ट्रेंड ने फिर एक बार साबित किया है कि क्यों लंबे समय के निवेश के लिहाज से संपत्तियां राजधानीवासियों की पसंद रही हैं।
हालांकि तीन और एक साल के लिहाज से यह रिटर्न कम रहे हैं, लेकिन उम्मीद भी बनी हुई है कि लंबे समय के दौरान वे अच्छा रिटर्न पा सकेंगे।
रिटर्न में उतार-चढ़ाव की वजह
ज्यादा लाभ चाहिए तो लंबे समय के लिए करें निवेश
एचपीआई के मुताबिक, शॉर्ट टर्म के दौरान लखनऊ मेें संपत्तियों से रिटर्न उतना अच्छा नहीं रहा। हालांकि यह देश के औसत से बेहतर रहा।
पिछले तीन वर्षों शहर में 10.1 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिला और सूची में दूसरा स्थान रहा। देश का औसत 6.7 प्रतिशत रहा।
एक वर्ष के लिहाज से लखनऊ में प्रॉपर्टी पर रिटर्न 6.4 प्रतिशत ही रहा। देश का औसत 4.7 ही था। सूची में चौथा स्थान रहा।
इंडेक्स के मुताबिक, बीते तीन वर्षों में लखनऊ में संपत्तियों का निर्माण तेजी से हुआ और मांग में अचानक से कमी आ गई। इसी कारण रिटर्न में उतार-चढ़ाव दिख रहा है।
यहां देखें- पांच साल में दिल्ली मुंबई से ज्यादा फायदा
पांच साल में दिल्ली-मुंबई से ज्यादा फायदा
शहर - रिटर्न प्रतिशत
लखनऊ 13.1
कानपुर 11.3
दिल्ली 10.4
मुंबई 9.8
कोची 9.5
देश में औसत - 9.3
शहर - रिटर्न प्रतिशत
कोची 28.8
चेन्नई 13.8
बेंगलुरु 7.8
शहर - रिटर्न प्रतिशत
लखनऊ 6.4
मुंबई 3.5
देश का औसत - 4.7