ग्रामीणों ने दालों के पैकेट से भरे ऑटो को रोक लिया।
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सीतापुर के इमलिया सुल्तानपुर ब्लॉक क्षेत्र के कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों संग अन्य लाभार्थियों को मिलने वाला राशन बाजार में बिक रहा है। इसका एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें कुछ ग्रामीण एक आटो को रोकते नजर आए। ऑटो में बाजार में बिकने जा रहा सरकारी पोषाहार लदा था।
मामले की सूचना पर पहुंची सुपरवाइजर की ओर से कार्यवाही के नाम पर लीपापोती की जा रही है। ऐलिया ब्लॉक के भेरूकहा बाजार की ओर जा रहे आंगनबाड़ी के पोषाहार से भरे आटो संख्या यूपी 34 डीटी 0945 को ग्रामीणों ने रोका। इसकी तलाशी के दौरान उसमें तीन बोरा आंगनबाड़ी लाभार्थियों को बांटे जाने वाली दाल के सील बंद पैकेट मिले। इसकी सूचना संबंधित सुपरवाइजर को दी गई। टिकरा बाजार निवासी आटो चालक सूरज ने बताया कि सरकार द्वारा दी जा रही दाल खराब गुणवत्ता की है। जिसे लाभार्थी द्वारा कई महीनों के पैकेट रोक कर हमें बेंच दिए जाते हैं। जिन्हें बाजार ले जाकर अन्य ग्राहकों को बेंचते हैं।
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ग्रामीणों ने भेरूकहा में ही दाल के पैकेट रखवा दिए। सुपरवाइजर अनीता यादव आंगनबाड़ी केन्द्र पिपरी पहुंची। उन्होंने मामले की जांच करके बताया कि पोषाहार का नियमित वितरण किया जा रहा है। वितरण रजिस्टर का मिलान करने पर सही पाया गया है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि प्रधान द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र निर्माण के लिए दिए गए प्रस्ताव पर निर्माण न कराए जाने से नाराज होकर यह कार्य किया गया है। हरनी ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि रामेंद्र सिंह ने बताया कि लेखपाल, ग्राम पंचायत के द्वारा प्रस्तावित जगह पर आंगनबाड़ी केन्द्र बनाया जा रहा है। इस प्रकरण से हमारा कोई लेना देना नहीं है। लाभार्थी बोले कि तीन-चार माह में एक बार ही पोषाहार दिया जाता है।
क्या बोले लाभार्थी: पिपरी गांव के लाभार्थियों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मंजूलता वर्मा पर आरोप लगाया कि उनके द्वारा कई माह से पोषाहार वितरित नहीं किया जा रहा है। हर माह घर-घर जाकर वितरण रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराकर यह कहा जाता है कि जब पोषाहार आएगा, तब दे दिया जाएगा। जबकि हर माह पोषाहार सरकार द्वारा दिया जाता है।