दिल्ली की बिजली यूपी की सियासत को भी झटका दे सकती है।
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के इंजीनियरों के साथ शनिवार को गाजियाबाद में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल से मिला।
इंजीनियरों ने केजरीवाल को आश्वासन दिया कि वे बिजली की दरें आधी किए जाने के उनके (केजरीवाल) वादे को पूरा करने और बिजली आपूर्ति में सुधार के काम में पूरा सहयोग करेंगे।
यह भी कहा कि निजी बिजली कंपनियों की अड़ंगेबाजी से निपटने में इंजीनियर व कर्मचारी उनके साथ हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने निजी कंपनियों के लाइसेंस निरस्त करने की मांग भी केजरीवाल से की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के महासचिव शैलेंद्र दुबे ने किया।
दुबे के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने केजरीवाल को आश्वस्त किया कि दिल्ली में बिजली की दरों में 50 प्रतिशत की कमी की घोषणा पूरी होने में कोई व्यावहारिक कठिनाई नहीं आने वाली।
अन्य मदों में भी निजी कंपनियां अनाप-शनाप दरें दिखाकर लूट कर रही हैं। ऑडिट कराने पर यह सच सामने आ जाएगा।
विद्युत नियामक आयोग ने बिजली की दरों में 23 प्रतिशत की कमी की सिफारिश की थी, उसे भी दिल्ली की पूर्ववर्ती सरकार की साठगांठ से कंपनियों ने लागू नहीं किया।
इन पर ही ध्यान देकर बिजली दरों में 50 प्रतिशत की कमी की जा सकती है। बकौल दुबे, केजरीवाल ने कहा कि वे हर हाल में बिजली को लेकर जनता से किए गए वादों को पूरा करेंगे। निजी कंपनियों पर नियंत्रण व कार्रवाई को लेकर भी केजरीवाल पूरी तरह दृढ़ हैं।
सियासी दलों से मांगेंगे जवाब
स्वाभाविक है कि दिल्ली में बिजली की दरों में आधी कमी उत्तर प्रदेश की सियासत को भी झटका दे सकती है। यहां भी यह मुद्दा तूल पकड़ सकता है।
दुबे ने यह भी बताया कि फेडरेशन बिजली दरों में अधाधुंध बढ़ोतरी और निजी कंपनियों की लूट के खिलाफ एक ड्राफ्ट तैयार कर रहा है।
सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्षों को यह ड्राफ्ट देकर उस पर उनसे जवाब मांगा जाएगा। साथ ही यह सवाल भी उनके सामने रखा जाएगा कि जब दिल्ली में बिजली की दरों में आधी कमी की जा सकती है तो यूपी में क्यों नहीं।
दुबे ने बताया कि फैडरेशन ने केजरीवाल को आश्वस्त किया कि बिजली व्यवस्था सुधारने में बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं की ओर से उन्हें पूरा सहयोग दिया जाएगा।
केजरीवाल से निजीकरण के विरोध में व्यापक संघर्ष के लिए समर्थन मांगा गया। प्रतिनिधिमंडल में दुबे के साथ दिल्ली के महेश दास, सत्यपाल, यशपाल शर्मा, आरवीएस बौद्ध तथा डीसी अग्रवाल शामिल थे।