गोंडा। आखिरकार दुष्कर्म मामले में आरोपित सिपाही को पीड़ित युवती से शादी करनी पड़ी। दोनों ने बुधवार को आर्यसमाज मंदिर में फेरे लिए और एक दूजे के हो गए। पीड़ित युवती ने बीते दिनों रोडवेज पुलिस चौकी पर तैनात एक सिपाही पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप लगाकर महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी सिपाही को पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर जांच महिला थानाध्यक्ष को सौंपी थी।
कोतवाली नगर क्षेत्र के एक मोहल्ले की रहने वाली एक युवती ने रोडवेज पुलिस चौकी पर तैनात एक सिपाही पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाकर पुलिस अधीक्षक से शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच महिला थानाध्यक्ष को सौंपी थी। जांच के दौरान महिला थानाध्यक्ष ने आरोपी सिपाही और पीड़िता युवती के बयान दर्ज किए तो सच्चाई सामने आ गई।
महिला थानाध्यक्ष की रिपोर्ट पर एसपी ने मामले में आरोपी सिपाही के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। आरोपी सिपाही के खिलाफ महिला थाने में दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। दुष्कर्म के आरोप से घिरे सिपाही को एसपी ने निलंबित कर दिया था। महिला थानाध्यक्ष ने मामले की तफ्तीश कर रही थीं। आरोपी सिपाही ने आर्यसमाज मंदिर में विधि-विधान से पीड़िता युवती संग सिपाही ने फेरे लेकर एक-दूसरे का साथ निभाने की कसमें खाई और एक दूजे के हो गए। महिला थानाध्यक्ष पूनम यादव ने बताया कि पीड़िता युवती और आरोपी सिपाही ने बताया कि दोनों ने एक-दूसरे से शादी रचा ली है। पीड़िता युवती का अदालत के समक्ष बयान कराया जाएगा। बयान के आधार पर मुकदमे में आगे की कार्रवाई की जाएगी। संवाद