यूपी में तीसरे चरण के मतदान से एक दिन पहले अखिलेश सरकार के मंत्री गायत्री प्रजापति पर गौतमपल्ली कोतवाली में रेप का मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने गायत्री के खिलाफ रेप केस दर्ज करने का आदेश दिया था। मामला, पिछले साल सितंबर का है। चित्रकूट की 35 वर्षीय महिला ने तत्कालीन खनन मंत्री गायत्री प्रजापति और उनके साथियों पर दुष्कर्म का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी। महिला का कहना था कि गायत्री प्रजापति के राजधानी के गौतमपल्ली स्थित सरकारी आवास पर उसका आना-जाना था।
गायत्री ने अपने साथी अशोक तिवारी के जरिए उसे अपने आवास पर बुलाया और हमीरपुर में बालू के खनन का पट्टा देने की पेशकश की। इस दौरान गायत्री ने चाय मंगाई, जिसमें नशीला पदार्थ मिला था।
चाय पीने के बाद वह बेहोश हो गई जिसके बाद गायत्री और उनके आवास पर मौजूद अशोक तिवारी, पिंटू सिंह, विकास वर्मा, चंद्र पाल, रूपेश और आशीष शुक्ला ने उसके साथ दुष्कर्म किया। दुष्कर्म के दौरान इन लोगों ने उसका वीडियो बना लिया जिसे दिखाकर उसे ब्लैकमेल किया गया। महिला के मुताबिक पार्क रोड स्थित विधायक आवास पर उससे एक महीने तक दुष्कर्म किया जाता रहा।