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क्या दुष्टों पर कारवाई कर रही है यूपी पुलिस?

Sat, 28 Feb 2015 02:51 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लख्ानऊ
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उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने शनिवार को पुलिस लाइन में आयोजित रैतिक परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। राज्यपाल ने इस अवसर पर विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक आठ लोगों और 33 लोगों को वीरता के लिए पुलिस पदक प्रदान किया। इनमें से 6 लोगों को मरणोपरान्त पदक दिया गया है।
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राज्यपाल ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि शांति-व्यवस्था बनाए रखना, आम आदमी को सुरक्षा प्रदान करना और दुष्टों पर कड़ी कारवाई करना पुलिस का पहला कर्तव्य है। पुलिस कर्मी अपने कर्तव्य से समाज को आश्वस्त करें। जिस कार्य का दृढ संकल्प लेकर सेवा में आए हैं, उसके प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखें।

रैतिक परेड जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर नए सिरे से संकल्प की जरूरत है। उन्होंने कहा कि परेड से प्रेरणा लेकर प्रदेश में शांति के वातावरण का निर्माण करें।

नाईक ने सुझाव दिया कि उत्तर प्रदेश पुलिस का एक आदर्श वाक्य होना चाहिए, जिससे पुलिस कर्मी प्रेरणा लेकर सुरुचिपूर्ण तरीके से काम करें। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र पुलिस का आदर्श वाक्य ' सदरक्षणाय खलनिग्रहणाय' है इसका मतलब है अच्छों की रक्षा करना और अपराधियों को दंडित करना। उन्होंने कहा कि इससे पुलिस कर्मी को प्रेरणा मिलेगी और जनता के बीच भी अच्छा संदेश जाएगा।
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आतंकवाद और डकैती को ऐसे रोके पुलिस

राज्यपाल ने कहा कि पुलिस व्यवस्‍था को चुस्त-दुरस्त रखने के लिए और आतंकवाद, डकैती, हिंसा आदि का सामना करने के लिए आधुनिक हथियार व उपकरण की जरूरत है। मामलों में तफ्तीश व साइबर अपराध जैसे मामलों में अत्यअधिक नई तकनीक का उपयोग होना चाहिए। इसके लिए पुलिस कर्मियों को विधिवत प्रशिक्षण भी दिया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास वाहन और हथियार आधुनिक होने से कार्य में कुशलता आएगी।

नाईक ने इस अवसर पर प्रदेश की सेवा में अपना बलिदान देने वाले पुलिस कर्मियों को नमन करते हुए उन्हे अपनी श्रद्धाजंलि अर्पित की। शहीद पुलिसजनों के परिवारजनों को सम्मानित करने के उपरान्त उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेश की सरकार और जनता उनके प्रति संवेदनशील है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आलोक रंजन सहित वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन पुलिस महानिदेशक एके जैन ने किया।
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इन सभी को मिला सम्मान

राज्यपाल ने विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक सूर्य कुमार, पुलिस महानिदेशक, एसआईटी, मुकुल गोयल, अपर पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्‍था, भावेश ‌कुमार सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक, कार्मिक, गोपाल लाल मीना, अपर पुलिस महानिदेशक, पावर कार्पोरेशन, डॉ. देवेन्द्र सिं‌ह चौहान, अपर पुलिस महानिदेशक, दूरसंचार, कमल सक्सेना, सचिव गृह, योगेन्द्र वर्मा, सेवानिवृत पुलिस उपाधीक्षक, मुजफ्फरनगर और दिग्विजय सिंह, सेवानिवृत पुलिस उपाधीक्षक, लखनऊ को सम्मानित किया गया।

इसके अलावा राज्यपाल ने वीरता के लिए श्रीमती रवि पत्नी स्वर्गीय राजेश सिं‌ह चौहान, मुख्य आरक्षी, शीला देवी पत्नी स्वर्गीय बृजेश कुमार यादव, आरक्षी कमांडो, गीता देवी पत्नी स्वर्गीय उमाशंकर यादव, आरक्षी कमांडों, अनीता पत्नी स्वर्गीय गिरीश चंद्र नागर, आरक्षी कमांडो, हेमलता शर्मा पत्नी लक्ष्मण प्रसाद शर्मा, आरक्षी कमांडो, जगपती देवी पत्नी स्वर्गीय लक्ष्मण प्रसाद शर्मा, आरक्षी कमांडों को मराणोपरान्त और अविनाश चंद्र, अपर पुलिस महानिदेशक, भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, दीपक रतन, पुलिस महानिरीक्षक, यातायात निदेशालय तथा 25 अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पुलिस पदक से सम्मानित किया।
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