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श्रीराम मंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक आज, नृत्यगोपाल दास और वीएचपी के चंपत राय भी होंगे शामिल

Wed, 19 Feb 2020 09:43 AM IST
शाहरुख खान धीरेंद्र सिंह, अमर उजाला, अयोध्या
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राम मंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक - फोटो : अमर उजाला
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राममंदिर आंदोलन के खास किरदार रहे महंत नृत्यगोपाल दास और विहिप उपाध्यक्ष चंपत राय सरकार की ओर से गठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी होने जा रहे हैं। इसकी पुष्टि आफिसियो ट्रस्टी जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने की। 
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इसी के साथ अयोध्या से पांचों ट्रस्टी मंगलवार रात दिल्ली पहुंच गए हैं। हालांकि ट्रस्ट से किसी को एजेंडा नहीं मिला है, सिर्फ इतना निर्देश है कि बैठक शुरू होने से तीन घंटे पहले ट्रस्टी के परासरन के घर स्थित पंजीकृत कार्यालय पहुंचना होगा।
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अमर उजाला ने 8 फरवरी को ही मणिरामदास छावनी के महंत व श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास व विहिप उपाध्यक्ष चंपत राय को पहली बैठक में ट्रस्टी बनाने और बाद में बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के गठन में अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना का खुलासा किया था। 

ट्रस्ट के प्रशासनिक सूत्र बताते हैं कि शीर्ष स्तर से महंत नृत्यगोपाल दास व चंपत राय की भूमिका तय हो चुकी है। दोनों ट्रस्टी बनने के बाद अहम पद भी संभालेंगे। 

आफिसियो ट्रस्टी अनुज कुमार झा ने बताया कि ट्रस्ट का एजेंडा बुधवार को सभी ट्रस्टियों को मिल जाएगा। बैठक शाम पांच बजे से 8 बजे तक प्रस्तावित है। यह तय हो चुका है कि महंत नृत्य गोपाल दास व चंपत राय को ट्रस्ट में शामिल करने का प्रस्ताव आएगा। 

इसीलिए दोनों को बैठक स्थल पर बुलाया गया है। बताया कि बोर्ड ऑफ ट्रस्टी जब पदाधिकारियों का चुनाव करेंगे, तब महंत के अध्यक्ष बनने की बात सामने आएगी।
 

निर्मोही अखाड़ा को पूजा अधिकार से लेकर स्वर्ण दान का उठेगा मुद्दा

राममंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक में शामिल होने गए यहां के ट्रस्टियों के पास कई मुद्दे हैं। सबसे बड़ी चुनौती निर्मोही अखाड़े से चुने गए प्रतिनिधि ट्रस्टी दिनेंद्र दास के समक्ष है, उन्हें अखाड़े के छह पंचों को ट्रस्ट में प्रतिनिधित्व देने का मुद्दा उठाना है। 

साथ ही निर्मोही अखाड़े को पूजा का अधिकार की मांग करनी है, जबकि डीएम समेत अन्य ट्रस्टियों ने रामालय ट्रस्ट की ओर से वाराणसी में राममंदिर के लिए स्वर्णदान लेने पर रोक समेत राममंदिर बनवाने के नाम पर बने अन्य ट्रस्टों की परिसंपत्तियों को फ्रीज करके उपयोग में लेने का मुद्दा भी उठेगा। 

क्या होगा पहली बैठक में

  • बैठक में राममंदिर के निर्माण की समयसीमा तय की जा सकती है। 
  • निर्माण के लिए फंड कैसे जुटाया जाएगा, इसे लेकर भी चर्चा होगी। 
  • आम लोगों से निर्माण के लिए फंड कैसे जुटाया जाए, इसे लेकर सदस्य विमर्श करेंगे
  • निर्माण कार्य के दौरान रामलला के लिए सही स्थान के चयन पर भी बातचीत होनी है। 
  • ट्रस्ट के विभिन्न पदों के लिए चुनाव भी इसी बैठक में होना है। 
  • बैठक के बाद ट्रस्ट न्यास बोर्ड के अध्यक्ष और प्रबंध कमेटी का गठन करेगा।

 

कैसे हुआ ट्रस्ट का निर्माण

  • सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 9 नवंबर को मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट गठित करने के लिए केंद्र सरकार को तीन महीने का समय दिया था। 
  • केंद्र सरकार ने समयसीमा खत्म होने से पहले ही 5 फरवरी को ट्रस्ट का गठन कर दिया। कैबिनेट की बैठक में एक स्वायत्त ट्रस्ट बनाने का प्रस्ताव पारित हुआ। 
  • श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के गठन के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद संसद को इसकी जानकारी दी।  
  • उन्होंने कहा कि 67.03 एकड़ भूमि इस ट्रस्ट को दे दी जाएगी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन में राम मंदिर का निर्माण होगा। 

गठन को लेकर हुआ विवाद 

  • ट्रस्ट में सदस्यों के नामों को लेकर भी विवाद हुआ। कई संतों व अखाड़ों ने केंद्र सरकार की सूची पर सवाल उठाए। 
  • दिगंबर अखाड़े के महंत सुरेश दास ने इसे संत समाज का अपमान बताया। 
  • रामजन्मभूमि न्यास के प्रमुख महंत नृत्यगोपाल दास ने भी सूची पर आपत्ति जताई।  
  • राम विलास वेदांती का नाम भी इस सूची से लापता मिला। 
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मंदिर ट्रस्ट में कितने सदस्य 

केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित इस ट्रस्ट का आधिकारिक कार्यालय ग्रेटर कैलाश में बनाया गया है, जो एडवोकेट के परासरन का दफ्तर भी है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट में कुल 15 सदस्य हैं, जिनमें 9 स्थायी और 6 नॉमिनेटेड सदस्य हैं। केंद्र सरकार ने अभी 12 सदस्यों के नामों की घोषणा की है। 

ये हैं मंदिर ट्रस्ट के सदस्य 

स्थायी सदस्य 

  • के परासरन : सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील के. परासरन ट्रस्ट के अध्यक्ष होंगे। उन्होंने रामलला विराजमान की ओर से अयोध्या मामले में लंबे समय तक पैरवी की। 
  • डॉ. अनिल कुमार मिश्र : पेशे से होम्योपैथी डॉक्टर अनिल राम मंदिर आंदोलन के दौरान विनय कटियार के साथ जुड़े थे। 
  • विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र : अयोध्या राज परिवार के वंशज व समाजसेवी। 
  • कामेश्वर चौपाल : 1989 के राम मंदिर आंदोलन के समय हुए शिलान्यास में अनुसूचित जाति के कामेश्वर ने ही राम मंदिर की पहली ईंट रखी थी। 
  • महंत दिनेंद्र दास : राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद में पक्षकार और निर्मोही अखाड़ा की अयोध्या बैठक के प्रमुख। 
  • जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज : इनके शंकराचार्य बनाए जाने पर विवाद भी हुआ। 
  • जगतगुरु माधवाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ जी महाराज : कर्नाटक के उडुपी स्थित पेजावर मठ के 33वें पीठाधीश्वर। 
  • युगपुरुष परमानंद जी महाराज : अखंड आश्रम हरिद्वार के प्रमुख। 2000 में संयुक्त राष्ट्र में आध्यात्मिक नेताओं के शिखर सम्मेलन को भी संबोधित किया था।
  • स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज: आध्यात्मिक गुरु पांडुरंग शास्त्री अठावले के शिष्य हैं। 
ये भी होंगे ट्रस्ट में 
  • बोर्ड ऑफ ट्रस्टी द्वारा नामित दो सदस्य, दोनों हिंदू धर्म से होंगे।
  • केंद्र सरकार द्वारा नामित एक हिंदू धर्म का प्रतिनिधि जो केंद्र के अंतर्गत आईएएस अधिकारी होगा। 
  • राज्य सरकार द्वारा नामित एक हिंदू धर्म का प्रतिनिधि जो यूपी सरकार के अंतर्गत आईएएस अधिकारी होगा। 
  • अयोध्या के जिलाधिकारी ट्रस्टी होंगे। वह हिंदू धर्म को मानने वाले होंगे। अगर किसी कारण से मौजूदा कलेक्टर हिंदू धर्म के नहीं हैं, तो अयोध्या के एडिशनल कलेक्टर (हिंदू धर्म) सदस्य होंगे।

भूमिका और जिम्मेदारियां 

  • राममंदिर निर्माण की पूरी प्रक्रिया इसी ट्रस्ट की देखरेख में पूरी होगी। 
  • मंदिर निर्माण कब शुरू होना है और कब तक इसका निर्माण पूरा होना है, यह जिम्मेदारी ट्रस्ट की होगी। 
  • मंदिर निर्माण के लिए मिलने वाले दान को पारदर्शी रखना और उसका सही इस्तेमाल भी ट्रस्ट को ही करना होगा। 
 
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