यात्री सुविधा केंद्र में अभी चेकिंग काउंटर्स नहीं बन पाए हैं। इसलिए छोटे-छोटे स्पाॅट बनाकर पुलिस लोगों का सामान चेक कर रही थी। ज्यादातर लोगों के बैग चैक किए जाते रहे। कपडे़ के अंदर क्या रखा है, इसकी बारीकी से निगरानी नहीं हो पा रही थी। यही वजह है कि फोन लेकर भी श्रद्धालु अंदर पहुंच गए। पहले ही दिन ट्रस्ट की लाॅकर सुविधा फेल हो गई।
जूते-चप्पल-बैग की छोड़ी चिंता
रामलला के दर्शन का उत्साह भक्तों में इस कदर था कि किसी को अपने सामान की चिंता नहीं रही। रामजन्मभूमि पथ पर जहां भी जगह मिली, भक्त अपने बैग व जूता चप्पल छोड़ दे रहे थे।
कुछ बिना दर्शन किए लौटे
भारी भीड़ के चलते कुछ श्रद्धालु रामलला के दर्शन किए बिना ही लौट गए। बिहार पटना से आए अमन कुमार, सत्यम व शिवम वापस जा रहे थे बताया कि दर्शन नहीं मिला भीड़ बहुत है, सामान रखने की व्यवस्था नही है। हमारे पास बैग आदि हैं कहां रखे, इसलिए वापस जा रहे हैं फिर आकर दर्शन करेंगे।