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राममंदिर:अयोध्या पहुंचा भक्तों का हुजूम, टूटे पुराने रिकॉर्ड, प्रशासन के छूटे पसीने, करने पड़े वैकल्पिक इंतजाम

Tue, 23 Jan 2024 06:17 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, अयोध्या

सार

प्राण प्रतिष्ठा के अगले ही दिन लाखों की संख्या में लोग अयोध्या राम मंदिर पहुंच गए। इतनी ज्यादा संख्या में पहुंची भीड़ को नियंत्रित करने में प्रशासन के पसीने छूट गए। 
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रात से ही उमड़ा भक्तों का रेला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नव्य राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के उत्सव पर अयोध्या में रामभक्तों का मेला लग गया। वर्ष के तीन बड़े मेलों चैत्र रामनवमी, सावन झूला व कार्तिक परिक्रमा की तर्ज पर दस लाख से अधिक रामभक्त यहां पहुंच गए। जिला प्रशासन को इतनी अधिक भीड़ जुटने का अनुमान नहीं था। आनन-फानन में वैकल्पिक इंतजाम प्रभावी किए गए।

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नव्य मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के पहले से ही देशभर से दर्शन के लिए रामभक्त अयोध्या पहुंचने लगे थे। इनमें से बड़ी संख्या में लोगों ने यहीं पर अपने गुरु आश्रमों, मंदिर, होटल, धर्मशाला, रामकथा पार्क, सरयू घाट और अन्य स्थानों पर डेरा डाल रखा था। इनमें वो श्रद्धालु भी शामिल रहे जिन्हें 20 से 22 जनवरी तक तीन दिन अस्थाई मंदिर में रोक के चलते रामलला के दर्शन नहीं मिल सके थे। इसके अलावा तमाम भक्त पड़ोसी जिलों में अपना आश्रय बनाए थे।

 सोमवार को पीएम के यहां से लौटने के बाद शाम से रात तक और फिर मंगलवार की सुबह उन्होंने अयोध्या का रूख किया। कई जत्थे वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, लखनऊ, अंबेडकर नगर, बाराबंकी, बस्ती व गोंडा के रास्तों से आए। ऐसे में रामनगरी में श्रद्धालुओं का कारवां अनवरत बढ़ता ही गया।
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जिला प्रशासन के एक अफसर ने बताया कि आमतौर पर वर्ष में तीन बार लगने वाले मेलों में ही इतनी भीड़ आने की परंपरा रही है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह चौथा अवसर होगा जब देश के विभिन्न हिस्सों से इतनी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे हैं। पहले से जो अनुमान लगाया गया था उससे भी अधिक श्रद्धालु यहां पहुंच गए हैं। यह सिलसिला लगातार जारी है। पड़ोसी जनपदों के साथ अयोध्या धाम की सीमाओं पर वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी लगाए जाने के बावजूद लोग पैदल ही आ रहे हैं। डीएम नितीश कुमार ने बताया कि भीड़ काफी आ गई है। पहले से भी लोग मौजूद थे। सभी को सुव्यवस्थित ढंग से दर्शन कराने के प्रबंध किए जा रहे हैं।

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प्रशासन ने मजिस्ट्रेटों की व्यवस्था कराई।

ayodhya - फोटो : amar ujala
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखकर प्रशासन और पुलिस के भी हाथ पांव फूल गए। प्रशासन ने मजिस्ट्रेटों की व्यवस्था कराई। पुलिस के साथ यातायात पुलिस ने मोर्चा संभाला। पुलिस ने श्री राम मंदिर पर खुलने वाले सभी मार्गों से प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया। उदया चौराहे, नया घाट, रेलवे पुल, हाइवे से आने वाले सभी रास्तों पर दो पहिया से चार पहिया वाहनों को रोक दिया गया।

दोपहर बाद दर्शन के लिए जन्मभूमि पथ के साथ राम पथ पर वीआईपी गेट के आगे तक श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी हुई थी। प्रशासन और पुलिस के लोग दर्शन कराने के लिए मुस्तैद थे। दर्शन के लिए पहुंचे नवाबगंज गोंडा के रहने वाले राम सुमिरन तिवारी ने बताया कि वह भोर के पांच बजे पहुंचे थे लेकिन पहली बेला वह दर्शन नहीं कर पाए। दूसरी शिफ्ट में दर्शन का प्रयास कर रहे हैं। बीकापुर क्षेत्र के रहने वाले उदय शंकर भी यहां लाइन में थे। उनका कहना था कि उनके भाई यहां रहते हैं। सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए आए थे। सोचा मंगलवार को हनुमानजी और राम लला का दर्शन कर लें लेकिन दोपहर तक प्रयास के बाद भी दर्शन नहीं हो पाया।

अयोध्या में भारी भीड़ के चलते पड़ोसी जिलों बाराबंकी, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर ने भी दोपहर बाद अयोध्या आने वाले बड़े और छोटे वाहनों पर रोक लगा दी है। बताया गया है कि वहां लोगों से कहा जा रहा है कि वाहन से अयोध्या नहीं जाना है। बाराबंकी के जिलाधिकारी सतेंद्र कुमार और अंबेडकरनगर के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने छोटे-बड़े वाहनों के अयोध्या जाने पर रोक की बात कही है।

भीड़ के चलते स्कूली बच्चों को हुई दिक्कत
 रामनगरी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते स्कूली बच्चों को ज्यादा दिक्कत हुई। भीड़ के कारण स्कूली वाहन चल नहीं पा रहे थे। स्कूल छूटने के काफी देर बाद बच्चे अपने घर किसी तरह पहुंच पाए। कई अभिभावक स्वयं बच्चों के लाने के लिए स्कूल पहुंचे। एक अभिभावक का कहना था कि दो पहिया वाहन न चलने से उन्हें बच्चों को घर पहुंचाने में दो घंटे लग गए।
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