‘अयोध्या में राम मंदिर बनना चाहिए या बाबरी मस्जिद? मैंने तो अयोध्या के मामले में किए जा रहे ऑनलाइन सर्वे में भागीदारी कर दी है। निवेदन है कि आप भी वोट दें।’ बृहस्पतिवार सुबह से एक वेबसाइट के लिंक के साथ वॉट्सएप और फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया में वायरल हुए इस मैसेज ने खुफिया एजेंसियों के कान खडे़ कर दिए।
वेबसाइट उत्तर प्रदेश सरकार की ऑफिशियल साइट से मिलती-जुलती है। वेबसाइट खोलते ही होमपेज पर सीएम आदित्यनाथ योगी की तस्वीर और राम मंदिर से संबंधित मैसेज देखकर लोग इसे सरकारी सर्वे मानते हुए न सिर्फ धड़ाधड़ वोटिंग कर रहे हैं बल्कि दूसरों को लिंक भेजकर वोटिंग करने के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं।
सन को इसकी खबर मिली तो एसटीएफ से पड़ताल करने को कहा गया। एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि वेबसाइट www.ayodhya-issue.gov.up.in के नाम से बनी है जो उत्तर प्रदेश सरकार की ऑफिशियल वेबसाइट www.up.gov.in जैसी ही है।
छानबीन करने पर पता चला कि वेबसाइट दिल्ली के बाराखंबा निवासी तरुण चौधरी के नाम से रजिस्टर्ड है और इसमें दिया गया मोबाइल नंबर कर्नाटक के अख्तर अली का है। अख्तर बंगलुरू में आईटी फर्म चलाते हैं।
एसटीएफ अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया तो वह हैरान रह गए। अख्तर ने कहा कि किसी ने उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर शरारत की है। उन्होंने बंगलुरू पुलिस से इसकी शिकायत करने की बात भी कही।