‘भोजन करत बोल जब राजा, नहिं आवत तजि बाल समाजा’।
श्रीरामचरितमानस के
बालकाण्ड की इस चौपाई के साथ ही शुक्रवार को विशेष खण्ड गोमती नगर में चल
रही राम कथा के चौथे दिन कथाव्यास संत शरण त्रिपाठी ने भगवान श्रीराम की बाल
लीलाओं का वर्णन किया।
अखिल भारतीय श्रीराम नाम जागरण मंच की ओर से चल रही
श्रीराम कथा में में भक्तों ने सुबह प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा के
लिये वैदिक मंत्रों के साथ पर्यावरण सुरक्षा यज्ञ आहुतियां दी।