हिंदी विश्व की सबसे सजीव, ममतामयी और उन्नतिशील भाषा है।
ये वैज्ञानिक
भाषा है जिसने समय के साथ ही परिवर्तन को भी आत्मसात किया। ये कहना है
इतिहासविद् डॉ. योगेश प्रवीन का।
वे शुक्रवार को शक्ति भवन स्थित 15वें तल
सभागार में हिंदी पखवाड़े के उपलक्ष्य में ‘ऊर्जा क्षेत्र में हिंदी भाषा
का प्रयोग’ विषयक गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।