मेनोपॉज 40 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं में एक समस्या की तरह देखा जाता
है। असल में यह मानसिक ट्रॉमा भी महिलाओं के लिए होता है।
इस दौरान उनको
परिवार से भावनात्मक सपोर्ट भी मिलना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि परिवार
के दूसरे सदस्यों को भी मेनोपॉज के बारे में सही जानकारी मिले।
विश्व
मेनोपॉज-डे के अवसर पर जागरूकता के लिए शुक्रवार को इंडियन मेनोपॉज
सोसाइटी लखनऊ चैप्टर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, लखनऊ ऑब्स एवं गायनकोलॉजी
सोसाइटी, एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट गाइनकोलॉजिस्ट एवं लायंस क्लब ने पैदल मार्च
किया।
मार्च सुबह शहीद स्मारक से शुरू होकर रिवर बैंक कॉलोनी स्थित आईएमए
भवन पर खत्म हुआ।