नामांकन दाखिल करने के बाद भाजपा उम्मीदवार
- फोटो : amar ujala
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच पूरी हो गई है। जांच में भाजपा के आठ और सपा के तीन प्रत्याशियों के नामांकन सही पाए गए हैं।
उम्मीदवार 20 फरवरी तक नाम वापस ले सकते हैं। राज्यसभा की दस सीटों के लिए चुनाव 26 फरवरी को होगा।
बता दें कि दस सीटों के लिए हो रहे चुनाव में भाजपा ने आठवां प्रत्याशी उतार कर मुकाबला रोचक बना दिया है। अब भाजपा को आठवीं सीट के लिए नौ और सपा को तीसरी सीट के लिए तीन वोट का जुगाड़ करना होगा।
ये है विधानसभा का गणित
यूपी विधानसभा में मौजूदा समय में 403 में से 399 विधायक हैं। एक प्रत्याशी को जिताने के लिए 37 वोट की आवश्यकता है। एनडीए को आठ सीट जीतने के लिए 296 मत चाहिए, उनके पास करीब 287 मतों का इंतज़ाम है। ऐसे में भाजपा को संजय सेठ को राज्यसभा भेजने के लिए नौ वोट और चाहिए। सपा के पास 108 वोट हैं, लेकिन उनके दो विधायक जेल में बंद हैं। उन्हें मतदान की अनुमति मिलने पर संशय हैं। सपा को तीसरा जिताने के लिए 111 वोट चाहिए। यदि कांग्रेस के 2 वोट सपा को मिलते हैं तो भी 3 अतिरिक्त वोट चाहिए।
बसपा ने अभी तक नहीं खोले हैं पत्ते
राज्यसभा चुनाव में बसपा की एकमात्र वोट पर सबकी नजर है। बसपा ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। लेकिन राष्ट्रपति चुनाव और उपराष्ट्रपति चुनाव में बसपा ने एनडीए का समर्थन किया था। अब देखना होगा कि राज्यसभा चुनाव में बसपा किसके साथ जाती है। बसपा किसी का समर्थन करती है या तटस्थ रहते हुए मतदान से दूर रहती है। हालांकि बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने राम मंदिर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री के बधाई प्रस्ताव का भी समर्थन किया था और वह एनडीए विधायकों के साथ राम मंदिर के दर्शन करने भी गए थे।