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सपा को बड़ा झटका, राजू ने लौटाया टिकट

Tue, 11 Mar 2014 05:46 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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यूपी में समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव ने सपा का टिकट लौटा दिया है।
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राजू ने पार्टी में गुटबाजी का आरोप लगाते हुए यह कदम उठाया है।

राजू ने कथित तौर पर यह भी एलान किया है कि वह चुनाव भी नहीं लड़ेंगे। हालांकि, सूत्रों की मानें तो राजू किसी दूसरी पार्टी के साथ जाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि राजू को कानपुर से हार का डर भी सता रहा था। बहरहाल, पिछले कुछ दिनों के वाकयों पर नजर डालें तो सपा में टूट-फूट बढ़ती ही जा रही है।

सामने आए राजू, कही दिल की बात

राजू श्रीवास्तव ने एक खबरिया चैनल से बातचीत में कानपुर संगठन में चल रही अंदरूनी राजनीति को टिकट लौटाने की वजह बताया है।

राजून ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने एक साल पहले मेरा टिकट पक्का किया था और कई मंचों से इसका एलान भी किया था, लेकिन कानपुर संगठन में कई लोग खुद ही प्रत्याशी मानकर काम कर रहे थे।

राजू ने आरोप लगाया कि कई बार उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले की शिकायत भी की, लेकिन उनके टोकने के बावजूद संगठन पर कोई असर नहीं पड़ा।

राजू ने यह भी कहा ‌कि उन्हें लगने लगा था कि उनकी वजह से पार्टी के लोग असुर‌िक्षत महसूस कर रहे थे और पार्टी में अनुसाशन भी नहीं दिख रहा था। इसीलिए उन्होंने टिकट लौटाया।

सपा ने राजू पर लगाया उल्टा आरोप

राजू श्रीवास्तव के इस बयान के बाद समाजवादी पार्टी किसी तरह अपनी साख बचाने में जुट गई है।

सूत्रों के मुताबिक पार्टी की ओर से आ रहे बयान में बताया गया है कि राजू का टिकट तो पहले ही कट गया था।

सपा ने उल्टा राजू पर आरोप लगाया ‌है कि वह नॉन सीरियस प्रत्याशी थे। वे अक्सर मुंबई में रहते थे और इसके लिए हाईकमान ने उन्हें कई बार चेतावनी भी दी थी।

हालांकि राजू का कहना है कि कानपुर से मेरा नाम होने के बावजूद कई लोग लगे हुए थे, इस खेमेबंदी से मुझे निराशा हाथ लगी है।

तो क्या कमजोर हो रही सपा?

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कृषि मंत्री कुंवर आनंद सिंह और स्टांप एवं पंजीयन राज्यमंत्री मनोज पारस को रविवार को मंत्रिपरिषद से बर्खास्त कर दिया।

दोनों मंत्रियों पर सपा प्रत्याशियों के खिलाफ काम करने का आरोप है। 75 वर्षीय कुंवर आनंद सिंह 2012 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बसपा छोड़कर सपा में शामिल हुए थे।

वहीं, 47 वर्षीय मनोज पारस बिजनौर जिले की नगीना (सुरक्षित) सीट से विधायक हैं। पारस अपने गांव की महिला के साथ गैंगरेप के आरोपों को लेकर चर्चा में रहे।

अब चुनाव के ठीक पहले राजू श्रीवास्तव के सपा का टिकट लौटाने से पार्टी के लिए मुसीबतें खड़ी हो सकती हैं। इससे सपा के कमजोर होने का भी सिग्नल जा रहा है।
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अखिलेश ने दिया था संदेश, बर्दाश्त नहीं गद्दारी

अपने कैबिनेट के दो मंत्रियों को बर्खास्त करके मुख्यमंत्री और सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विधायकों, मंत्रियों और पार्टी नेताओं को संदेश दे दिया है कि लोकसभा चुनाव में भितरघात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ काम करने वाले सरकार या संगठन के कुछ और ओहदेदारों पर गाज गिर सकती है।

सपा लोकसभा चुनाव को लेकर काफी गंभीर है। एक साल पहले प्रत्याशी चयन से लेकर रैलियों की श्रृंखला पूरी कर ली गई है।

बूथ प्रभारियों से लेकर मंत्रियों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों से हर स्तर पर तैयारियों का जायजा लिया जा रहा है।
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