मुलायम सिंह के आवास पर स्टाफ ने देर शाम तक नोटिस नहीं प्राप्त किया था। स्टाफ का कहना था कि पूर्व मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद ही नोटिस लेंगे। काफी इंतजार के बाद मुलायम सिंह से बात नहीं होने पर टीम बैरंग लौट गई। वहीं, कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह, मायावती व अखिलेश यादव के आवास पर नोटिस तामील करा दी गई।
एनएडी तिवारी के आवास पर चौकीदार होने के कारण नोटिस नहीं दिया गया। राज्य संपत्ति अधिकारी योगेश कुमार शुक्ला ने बताया कि चूंकि एनडी तिवारी दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हैं इसलिए नोटिस वहीं भेजा जा रहा है।
आवास आवंटन के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों का पक्ष नहीं सुना है। इसी को आधार मानकर पूर्व मुख्यमंत्री अदालत का सहारा ले सकते हैं। चूंकि मुलायम सिंह आवास बचाने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ से मिल चुके हैं। इसलिए इस तरह की चर्चाओं को और बल मिला है। मुलायम ने तर्क दिया था कि केंद्र से जेड श्रेणी की सुरक्षा मिलने के कारण उन्हें बंगला आवंटित किया जा सकता है। उन्होंने विक्रमादित्य मार्ग स्थित 4 व 5 नंबर आवास को क्रमश: विधान परिषद व विधानसभा में नेता विरोधी दल व नेता प्रतिपक्ष के नाम आवंटित करने का भी सुझाव दिया था।