चुनाव जीतने के बाद सोमवार को पहली बार सांसद व गृहमंत्री राजनाथ सिंह पार्टी के पार्षदों से उनके क्षेत्र की समस्याओं को जानने के लिए सीधे रूबरू हुए।
इस दौरान पानी, बिजली, सीवर और ट्रैफिक जाम की समस्याएं तो सामने आईं साथ ही पार्टी की आंतरिक कलह भी सामने आई।
यह देख पार्षदों से सांसद की सीधी बात का कार्यक्रम बीच में ही बंद कर दिया गया। इससे सांसद के सामने अपनी बात रखने आए सभी लोगों को मौका ही नहीं मिल पाया।
जिनको मौका मिला भी उनको भी समस्याओं की जगह सुझाव रखने को ही कहा गया।
कहा समस्या नहीं सुझाव दो
महानगर के सत्संग लान के सभागार में सोमवार को भाजपा की ओर से पार्षदों की सांसद व गृहमंत्री राजनाथ से क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सीधी बात का कार्यक्रम था।
दोपहर करीब साढ़े तीन बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में भाजपा पार्षदों के साथ ही नगर इकाई के पदाधिकारी भी पहुंचे थे। यहां पर जब सांसद के सामने पार्षदों ने समस्याएं रखनी शुरू की तो थोड़ी ही देर में मंच पर बैठे नेता पार्षदों की बात सुनने से उकता गए।
बात सुनने की बजाए पार्षदों से उनके क्षेत्र की समस्याओं को लिखकर देने को कहा गया।
बातचीत के दौरान भाजपा पार्षद व नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष की ओर से सांसद को सभी पार्षदों की ओर से 74वां संविधान संशोधन लागू करने का मांग पत्र भी दिया गया।
मैं सबकुछ ठीक नहीं कर सकता
पार्षदों बात सुनने के बाद सांसद व गृहमंत्री राजनाथ ने कहा कि अकेले मैं या दिनेश शर्मा (महापौर) ही सभी समस्याओं को सामाधान नहीं कर सकते। आपकी ताकत ही दिनेश शर्मा की ताकत है। जवाबदेही हम सबकी है। कोई जवाबदेही से बच नहीं सकता।
राजनाथ बोले हम सबका धर्म है कि जनसमस्याओं के निदान के लिए अधिक से अधिक प्रयास करें। हम सब मिलकर काम करें। नकरात्मक सोंच से लम्बे समय तक राजनीति नहीं की जा सकती। विनम्रता से ही सफलता मिलती है।
पार्टी की जीत कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है इसलिए उनका सम्मान किया जाना चाहिए। पार्षदों से सांसद ने यह भी कहा कि सारे काम केंद्र स्तर पर नहीं हो सकते। कुछ काम राज्य स्तर पर होते हैं। पार्षद अपने वार्ड की समस्याओं को लिखित में दें। उनको दूर करने का पूरा प्रयत्न होगा।
वह यह भी लिखकर देंगे कि किस विभाग में किस अधिकारी के स्तर पर काम लम्बित है तो काफी आसानी होगी। उस अधिकारी से सीध संवाद किया जाएगा।
राजनाथ के सामने ही बिफर गए पार्षद
निराला नगर वार्ड के पार्षद सूरज वर्मा सांसद व गृहमंत्री राजनाथ सिंह के सामने ही बिफर गए। उनको वार्ड समस्या रखने के लिए अभी मौका भी नहीं दिया गया था और बीच में ही वह तेज बोल उठे... मैं भी कछू कहूं, यह सुन सबका ध्यान उनकी ओर हो गया।
राजनाथ सहित अन्य नेताओं ने उन्हें बात कहने का इशारा किया। इस पर उन्होंनें अपनी बात रखते हुए कहा कि पार्टी के ही कुछ नेता उनको बदनाम करने के लिए उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं।
चुनाव के दौरान प्रतिद्वंदी को फायदा पहुंचाने के आरोप लगाए। यदि जांच में शिकायत सही पाई जो तो वह पार्टी से इस्तीफा दे देंगे।
सूरज ने बताया कि पार्टी का एक बड़ा नेता ही उनको और पूर्व सांसद लालजी टंडन को बदनाम करने की साजिश कर रहा है। इसके लिए चुनाव के दौरान पैसा बांटने केझूठे आरोप लगाए गए।
सीधी बात के लिए मांगा मोबाइल नम्बर
चुनाव के दौरान यह कहकर वोट मांगा कि हमको ही प्रत्याशी समझो। अब जनता अपनी समस्या बताती है। सांसद तक हम सीधे अपनी बात कैसे पहुंचाएं।
कोई एक ऐसा मोबाइल नम्बर दिया जाए जिस पर अपने सांसद से हम सीधी बात कर सकें। क्षेत्र की जनता अब यह भी उम्मीद कर रही है कि उनका सांसद अधिक से अधिक समय क्षेत्र को दे।
महिलाओं की बोलती रही बंद
एक तो महिला पार्षद की जगह उनकी पति आए थे और जो महिलाएं आईं थी उनको बात रखने का मौका ही नहीं मिला। जिन वार्डों से पार्षद पति आए थे उनमें त्रिवेणी नगर, विद्यावती प्रथम, कुंज बिहारी, बाबू जगजीवन राम व पेपर मिल कालोनी वार्ड प्रमुख है।
इनके अलावा मैथिलीशरण गुप्त वार्ड और रफी अहमद किदवाई वार्ड से महिला पार्षदों के पुत्र पहुंचे थे। भाजपा की कुछ महिला कार्यकताओं ने राजनाथ के जाने के बाद इस बात को लेकर नाराजगी भी जताई कि उनको बोलने का मौका हीं नहीं दिया गया।
दो पार्षद भाजपा में शामिल
बालगांज वार्ड के निर्दलीय पार्षद पकंज पटेल और मल्लाही टोला वार्ड की पार्षद नाजुक जहां भाजपा में शामिल हो गईं।
नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष व भाजपा पार्षद रजनीश गुप्ता ने बताया कि अब उनके पार्षदों की संख्या 51 हो गई है।
किस ने क्या रखी मांग
सांसद राजनाथ सिंह से सीधी बातचीत के दौरान पार्षदों में से किसी ने मेट्रो तो किसी ने डिग्री कॉलेज और किसी ने गैस पाइप लाइन बिछाने की मांग की।