गृहमंत्री राजनाथ सिंह व सीएम योगी आदित्यनाथ।
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राजनाथ ने कहा, मोदी सरकार के किसी भी मंत्री पर भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है। विपक्ष आरोप लगा रहा है कि आर्थिक अपराधी विदेश भाग गए, लेकिन मैं पूछना चाहता हूं कि क्या कांग्रेस के शासनकाल में आर्थिक अपराधी बाहर नहीं भागे थे। 28 साल से बेनामी संपत्ति कानून लटका हुआ था, हमारी सरकार ने नोटिफिकेशन जारी किया। आर्थिक अपराधियों की संपत्ति जब्त करने के लिए कानून लाए। अब न सिर्फ देश में, बल्कि विदेश में भी उनकी संपत्ति जब्त करने के लिए कार्यवाही आगे बढ़ा सकेंगे।
गरीबों को 5 लाख तक का हेल्थ कवर
राजनाथ ने कहा कि गरीबों को 5 लाख रुपये तक का हेल्थ कवर दिया है। योजना लागू करने में कहीं-कहीं कुछ दिक्कतें सामने आ रही हैं, जिन्हें दूर कर लिया जाएगा। मुद्रा योजना के तहत रोजगार के लिए 13 करोड़ लोगों को लोन दिया गया है।
योगी राज में गुंडे-बदमाशों में दहशत
राजनाथ ने कहा, सीएम योगी आदित्यनाथ पूरी ईमानदारी के साथ साफ नीयत से काम कर रहे हैं। विकास और सुशासन की जमीन तैयार हो चुकी है। योगी राज में गुंडे-बदमाशों में दहशत पैदा हुई है।
देश के आंतरिक हालात में सुधार
राजनाथ ने कहा कि पूर्वोत्तर में 2013 से 2018 के बीच आतंकी घटनाओं में 85 फीसदी और हत्याओं में 96 फीसदी की कमी आई है। माओवादी उग्रवाद भी 76 जिलों से सिमटकर 58 जिलों में रह गया है। माओवादी घटनाओं में 36 फीसदी और मौतों में 53.5 फीसदी की कमी आई है। कश्मीर में जहां वर्ष 2010-2013 तक 471 आतंकी मारे गए थे, वहीं 2014-2017 के बीच 619 आतंकी मारे गए। क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) प्रदेश के सभी जिलों में स्थापित किया जा चुका है। सीमा पर सुरक्षा के उपाय किए जा रहे हैं।
राजनाथ ने कहा कि स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फंड (एसडीआरएफ) के तहत राज्यों को दी जाने वाली राशि 20 हजार करोड़ से बढ़ाकर 32 हजार करोड़ रुपये कर दी। 165 देशों में ई-वीजा की सुविधा दे दी है, जिससे भारत में पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ी है। केंद्र व राज्य संबंधों पर सरकारिया कमीशन और पुंछी कमीशन की सिफारिशों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। शत्रु संपत्ति एक्ट बनाकर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कब्जे में ली गई है।
कश्मीरी पंडितों के बसाने के लिए देख रहे जगह
एक सवाल के जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि कश्मीरी पंडितों को कश्मीर में बसाने के लिए वहां की सरकार से बात की गई है। जगह भी देख ली गई थी, पर कश्मीरी पंडितों ने किसी और जगह का सुझाव दिया, जिस पर भी विचार किया जा रहा है।
बातचीत को तैयार, पर युद्धविराम नहीं
राजनाथ ने कहा कि कश्मीर में आतंकवादियों के साथ किसी तरह का सीजफायर नहीं है, सिर्फ रमजान को देखते हुए एक महीने के लिए ऑपरेशन को स्थगित किया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर आतंकी घटनाएं हुईं तो फोर्स हाथ बांधकर नहीं बैठी रहेगी। उन्होंने कहा कि हुर्रियत कॉन्फ्रेंस समेत जो भी समूह बात करना चाहेंगे, तो हम बातचीत के लिए तैयार हैं।
आरक्षण पर कमेटी देगी अपनी सिफारिश
राजनाथ ने कहा कि दलितों और पिछड़ों को आरक्षण के मामले में कमेटी बनाई गई है, जो अध्ययन के बाद अपनी सिफारिशें देगी। उनसे अति दलितों और अति पिछड़ों को लेकर एक सवाल पूछा गया था।