लखनऊ से भाजपा का टिकट यानी अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत का टिकट।
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पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह टिकट पाने के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे तो यह सवाल एक बार फिर मुखर हो गया कि क्या इसको लेकर पार्टी के भीतर सब कुछ सामान्य है।
राजनाथ ने अपनी ओर से सफाई देने की कोशिश भी की। प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद लालजी टंडन इस सवाल पर अपनी ओर से कुछ कह पाते इसका मौका नहीं आया। हमने इसीलिए इस मौके पर उनसे भी सच जानने की कोशिश की।
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'टंडन के कहने पर लखनऊ लड़ने आया'
प्रत्याशी घोषित होने के बाद लखनऊ पहुंचे राजनाथ सिंह ने कहा कि वह यहां के सांसद और वरिष्ठ नेता लालजी टंडन के प्रस्ताव पर ही चुनाव लड़ने आए हैं।
अटल बिहारी वाजपेयी और लालजी टंडन के कामों को आगे बढ़ाने के लिए लखनऊ से सांसद होना चाहते हैं।
राजनाथ ने कहा कि वह लखनऊ के लोगों को आश्वस्त करते हैं कि अटल और टंडन की परिकल्पना के जो काम अधूरे रह गए हैं। केंद्र में सरकार बनने के बाद वह उन्हें पूरा करने की कोशिश करेंगे।
आक्रामक नहीं रक्षात्मक नजर आए
यहां पार्टी मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में आक्रामक शैली के लिए पहचाने जाने वाले राजनाथ पत्रकारों के बीच काफी रक्षात्मक मुद्रा में नजर आए।
उन्होंने टिकट वितरण, नेताओं की नाराजगी और पार्टी में विद्रोह के बारे में पूछे गए कई सवालों का जवाब नहीं दिया।
किसी का दिया तो सीधा जवाब न देकर इधर-उधर घुमाने की कोशिश की। फंसने लगे तो कभी अपनी मजबूरी तो कभी रणनीतिक फैसला कहकर गरदन बचाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि चुनाव बाद सरकार बनने पर संगठन से सरकार तक सभी का सम्मानजनक समायोजन किया जाएगा।
पार्टी की कामयाबी के लिए दलबदलुओं का साथ
दलबदलुओं को टिकट पर कहा कि रणनीतिक लिहाज से पार्टी की सफलता के लिए कुछ स्थानों पर दूसरे दलों के लोगों को लड़ाना पड़ा।
प्रत्याशियों को लेकर मचे बवाल का ठीकरा राजनाथ सिंह ने प्रदेश नेतृत्व के सिर फोड़ा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश चुनाव समिति की बैठक की संस्तुतियों के आधार पर ही उत्तर प्रदेश में प्रत्याशी उतारे गए।
मुझे तो जवाब तक नहीं मिला: टंडन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह भले ही कह रहे हों कि वह लालजी टंडन के प्रस्ताव पर लखनऊ लड़ने आए हैं।
पर, लालजी टंडन ने कहा कि ‘यह बात सही है कि मैंने बहुत पहले ही नेतृत्व से लखनऊ की स्थिति साफ करने का आग्रह किया था लेकिन मुझे तो जवाब तक नहीं मिला।
इसीलिए मैंने पहले भी यही कहा था कि किसी ने कोई बात नहीं की पर अब इन बातों का कोई अर्थ नहीं। मैंने पार्टी को बनाया है तो बहुत कुछ बरदाश्त करना पड़ता है।’
उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह अब लखनऊ से प्रत्याशी हैं और उन्हें मजबूती से चुनाव लड़ाकर जिताएंगे।
राजनाथ बोले, तो कसमसा गए टंडन
बुधवार को यहां पहुंचे राजनाथ सिंह ने जब पत्रकारों के बीच यह कहा कि वह टंडन के प्रस्ताव पर लखनऊ से लड़ने आए हैं तो अजीबोगरीब स्थिति हो गई।
वहां मौजूद पत्रकार भी हंस पड़े। राजनाथ सिंह भी शायद पूरी बात समझ गए। इसीलिए कहा कि नहीं-नहीं यह बात गंभीर है। बगल में टंडन जी बैठे हैं। इनसे पूछ लीजिए।
टंडन कसमसाए। कुछ पत्रकारों ने सवाल भी किया पर टंडन जब तक कुछ बोलते, राजनाथ कांग्रेस की असफलता और अन्य मुद्दों पर बोलने लगे।
राजनाथ सिंह ने लखनऊ पहुंचने के बाद गिले-शिकवे दूर करने की कोशिश शुरू कर दी है।
पार्टी मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत के बाद लखनऊ स्थित आवास पर लौटे राजनाथ शाम को टंडन के घर पहुंचे और वहां पार्टी के कार्यकर्ताओं व नेताओं के साथ भोजन किया।
बताया जाता है कि उन्होंने टंडन से बातचीत कर उनकी नाराजगी भी दूर करने की कोशिश की।
इसके बाद वह पांडेय गंज पहुंचे और वहां व्यापारियों के साथ होली मिलन समारोह व कवि सम्मेलन में हिस्सा लिया।