लखनऊ। राजधानी की यातायात व्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप ढालने के लिए सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विस्तृत प्रस्ताव भेजा है। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक एंड अर्बन मोबिलिटी स्ट्रैटजी नाम के इस प्रस्ताव में अगले 20 वर्षों के लिए लखनऊ का ट्रैफिक मैनेजमेंट रोडमैप तैयार करने की वकालत की गई है।
प्रस्ताव में डॉ. राजेश्वर सिंह ने आंकड़ों के जरिये बताया है कि लखनऊ में वर्तमान में 31.8 लाख वाहन पंजीकृत हैं और हर वर्ष लगभग 1.5 लाख नए वाहन सड़कों पर उतर रहे हैं। उन्होंने आगाह किया कि बढ़ती जनसंख्या और वाहनों के भारी दबाव के कारण अल्पकालिक समाधान नाकाफी साबित हो रहे हैं, जिससे जाम, पार्किंग संकट और सड़क हादसों का जोखिम बढ़ रहा है।
प्रस्ताव में मेट्रो और बीआरटी नेटवर्क का विस्तार, एआई आधारित स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम, वैज्ञानिक ढंग से विकसित वेंडिंग जोन, अवैध अतिक्रमणों हटाने की व्यवस्था, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ग्रीन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की सिफारिश की गई है। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि लखनऊ को एक आधुनिक और अनुशासित राजधानी बनाने के लिए अब प्रतिक्रियात्मक उपायों के बजाय समेकित योजना और विभागों के बीच आपसी समन्वय ही स्थायी समाधान की कुंजी है।
मल्टी-डिपार्टमेंट टास्क फोर्स का सुझाव
प्रस्ताव की मुख्य विशेषता मल्टी-डिपार्टमेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट टास्क फोर्स का गठन है। डॉ. सिंह ने सुझाव दिया कि ट्रैफिक प्रबंधन को केवल पुलिस तक सीमित न रखकर इसमें नगर विकास विभाग, एलडीए , पीडब्ल्यूडी, परिवहन विभाग, मेट्रो और स्मार्ट सिटी मिशन के विशेषज्ञों को शामिल किया जाए। उन्होंने इस टास्क फोर्स की मासिक समीक्षा बैठकें आयोजित करने की भी सिफारिश की है।