पार्टी के मीडिया प्रभारी राजीव बख्शी कहते हैं कि तीन राज्यों के परिणामों ने यूपी में भी पार्टी कार्यकर्ताओं में जान फूंक दी है। अपनी हार के पांच साल बाद ही कांग्रेस नेतृत्व ने मेहनत, लगन, जनता के प्रति समर्पण और ईमानदारी से पुन: सत्ता में लौट आई है।
वरिष्ठ नेता वीरेंद्र मदान ने कहा कि अब एक नई रणनीति के साथ यूपी में भी जुटा जाएगा। कांग्रेस की जनआधारित राजनीति (मास पॉलिटिक्स) दूसरे दलों की कैडर बेस राजनीति पर कहीं भारी पड़ेगी।
पीएल पुनिया का बढ़ेगा कद
छत्तीसगढ़ प्रभारी होने के कारण राज्यसभा सदस्य पीएल पुनिया का भी कद बढ़ेगा। भविष्य में उन्हें पार्टी के भीतर और भी बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना है।
चुनाव परिणाम आते ही पार्टी मुख्यालय में ढोल नगाड़े पर वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ कार्यकर्ता थिरके। सोनिया गांधी और राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाए गए।
पार्टी प्रवक्ता बृजेंद्र कुमार सिंह, विधायक अराधना मिश्रा, पूर्व मंत्री नसीदमुद्दीन सिद्दीकी, पूर्व मंत्री रामकृष्ण द्विवेदी, पार्टी उपाध्यक्ष डॉ. आरपी त्रिपाठी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में यही परिणाम दोहराएंगे।