निलमथा क्षेत्र में 15 साल से लोग लो वॉल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं।
बिजली इंजीनियरों ने लो वॉल्टेज को दूर करने के लिए नया ट्रांसफार्मर लगाने की आड़ में ढाई लाख रुपये की उगाही भी कर ली।
इस रकम से इंजीनियर ने 50,000 रुपये घूस एवं दो लाख रुपये एस्टीमेट में खर्च करने का दावा किया था, लेकिन इंजीनियर ने न तो ट्रांसफार्मर लगाया और न ही रकम वापस की।
उतरेठिया उपकेंद्र के तेलीबाग स्थित न्यू पवनपुरी कॉलोनी सहित कई अन्य इलाकों के करीब 2500 लोग लो वॉल्टेज की समस्या से परेशान हैं।
पवनपुरी कॉलोनी के राम अवध सिंह के मुताबिक, हिमालय कॉलोनी, देवीखेड़ा गांव और पवनपुरी कॉलोनी के साथ दो आरा मशीनों और कई व्यवसायिक दुकानों को कम क्षमता के ट्रांसफार्मर से आपूर्ति की जा रही है।
सेना से रिटायर राकेश कुमार सिंह ने बताया कि लो वोल्टेज के चलते सबमर्सिबल तक नहीं चल पा रहा है।
ट्रांसफार्मर लगाने के लिए 250 लोगों से उपकेंद्र के एक इंजीनियर ने 1000-1000 की उगाही की।
इंजीनियर का दावा था कि उच्च अफसरों को घूस देकर नया बड़ा ट्रांसफार्मर लगवा देंगे, लेकिन इंजीनियर का तबादला हो गया और समस्या जस की तस रही।
अब इंजीनियर रकम वापस करने में आनाकानी कर रहा है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक एपी मिश्र ने बुधवार को कॉल सेंटर में पीड़ित उपभोक्ताओं से रूबरू हुए।
इस मौके पर एक उपभोक्ता ने एमडी से शिकायत की, कि इटौंजा उपकेंद्र का लाइनमैन नया कनेक्शन देने के नाम पर घूस मांग रहा है।
एमडी ने सभी शिकायतों की जांच कराने का निर्देश दिया है।
इटौंजा के प्रभाकर सिंह ने एमडी को बताया, कि चार महीने से कनेक्शन के लिए उपकेंद्र के चक्कर काट रहे हैं।
लेकिन लाइनमैन धमका रहा कि जब तक घूस नहीं दोगे तब तक कनेक्शन नहीं मिलेगा। प्रभाकर ने इसमें असमर्थता जताई।